आयकर विभाग ने टैक्स ऑडिट और ऑडिट आईटीआर की समयसीमा बढ़ाई: अब 31 अक्टूबर की जगह 10 दिसंबर 2025 तक भर सकेंगे रिटर्न

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने बुधवार, 29 अक्टूबर 2025 को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए टैक्स ऑडिट मामलों और ऑडिट आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की समयसीमा बढ़ा दी है..

आयकर विभाग ने टैक्स ऑडिट और ऑडिट आईटीआर की समयसीमा बढ़ाई: अब 31 अक्टूबर की जगह 10 दिसंबर 2025 तक भर सकेंगे रिटर्न
31-10-2025 - 10:29 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने बुधवार, 29 अक्टूबर 2025 को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए टैक्स ऑडिट मामलों और ऑडिट आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की समयसीमा बढ़ा दी है।

नई घोषणा के अनुसार, ऑडिट आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 से बढ़ाकर 10 दिसंबर 2025 कर दी गई है।
वहीं, टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 से बढ़ाकर 10 नवंबर 2025 कर दी गई है।

यह निर्णय उस दिन आया जब पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट तथा हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने टैक्स ऑडिट मामलों में ITR दाखिल करने की समयसीमा 30 नवंबर 2025 तक बढ़ाने का आदेश दिया था।

 आयकर विभाग का आधिकारिक बयान

आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आयकर अधिनियम की धारा 139(1) के अंतर्गत रिटर्न ऑफ इनकम दाखिल करने की नियत तिथि, जो 31 अक्टूबर 2025 थी, को 10 दिसंबर 2025 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह छूट उन करदाताओं पर लागू होगी जिनका उल्लेख उपधारा (1) की व्याख्या 2 के क्लॉज (a) में किया गया है।”

विभाग ने आगे लिखा, आयकर अधिनियम, 1961 के तहत वित्त वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की ‘निर्धारित तिथि’ को भी 10 नवंबर 2025 तक बढ़ा दिया गया है।”

सीए समुदाय ने जताई आंशिक राहत पर चिंता

हालांकि समयसीमा बढ़ाए जाने के बाद भी कई चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) ने यह चिंता जताई कि यह राहत उन करदाताओं को शामिल नहीं करती जो ट्रांसफर प्राइसिंग ऑडिट (Transfer Pricing Audit) के दायरे में आते हैं।

सीए दीपक चोपड़ा ने कहा, “CBDT का यह निर्णय आंशिक राहत है, जिसमें ट्रांसफर प्राइसिंग ऑडिट वाले करदाताओं को शामिल नहीं किया गया है। इससे असमानता की स्थिति बनती है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय लेन-देन करने वाली कंपनियों के लिए अनुपालन की समयसीमा अब भी बहुत कड़ी है।”

सीए गौरव मखीजानी ने बताया, धारा 139(1) की व्याख्या 2 के क्लॉज (a) के अंतर्गत जिन करदाताओं पर ट्रांसफर प्राइसिंग प्रावधान लागू होते हैं, उन्हें इस छूट में शामिल नहीं किया गया है।
इसका अर्थ यह है कि ट्रांसफर प्राइसिंग ऑडिट (फॉर्म 3CEB) से जुड़े मामलों के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि अब भी 30 नवंबर 2025 ही रहेगी।”

उन्होंने उदाहरण देकर समझाया, एक विदेशी कंपनी जो टैक्स ऑडिट के दायरे में नहीं है और ट्रांसफर प्राइसिंग से जुड़ी नहीं है, उसके लिए अंतिम तिथि 10 दिसंबर 2025 है।
वहीं, दूसरी विदेशी कंपनी जो अंतरराष्ट्रीय लेन-देन करती है और ट्रांसफर प्राइसिंग ऑडिट के दायरे में आती है, उसके लिए अंतिम तिथि 30 नवंबर है।
यह तर्कहीन स्थिति है क्योंकि ज्यादा अनुपालन वाले मामलों को कम समय दिया गया है। CBDT को चाहिए कि वह इस पर पुनर्विचार करे और सभी के लिए समान तिथि 10 दिसंबर 2025  निर्धारित करे।”

हाई कोर्ट्स का हस्तक्षेप: टैक्स ऑडिट मामलों की तिथि बढ़ाई

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट और हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने भी 29 अक्टूबर 2025 को टैक्स ऑडिट मामलों में ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 30 नवंबर 2025 कर दी।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा की पाँच याचिकाओं को एक साथ जोड़कर यह फैसला सुनाया, जबकि हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने यह निर्णय एडवोकेट विशाल मोहन द्वारा दायर याचिका पर दिया।

गुजरात हाई कोर्ट ने भी कुछ दिन पहले इसी तरह के मामले में CBDT को 30 नवंबर तक समयसीमा बढ़ाने के निर्देश दिए थे।

याचिकाकर्ता और सीए समुदाय की प्रतिक्रिया

पठानकोट टैक्स बार एसोसिएशन के याचिकाकर्ता और चार्टर्ड अकाउंटेंट

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।