अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, चाहते हैं कि भारतीय मूल की पत्नी उषा वेंस ईसाई धर्म अपनाएं और नहीं किया तो..!
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी भारतीय मूल की पत्नी उषा वेंस एक दिन ईसाई धर्म अपना लेंगी..
वॉशिंगटन। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी भारतीय मूल की पत्नी उषा वेंस एक दिन ईसाई धर्म अपना लेंगी।
मिसिसिपी विश्वविद्यालय में बुधवार को हुए टर्निंग पॉइंट यूएसए के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “अब ज़्यादातर रविवार को उषा मेरे साथ चर्च जाती हैं। मैंने उनसे कहा है और अब यहाँ 10,000 लोगों के सामने भी कह रहा हूँ — क्या मैं चाहता हूँ कि एक दिन वह भी वैसे ही प्रभावित हों जैसे मैं चर्च में हुआ था? हाँ, मैं सचमुच ऐसा चाहता हूँ। क्योंकि मैं ईसाई धर्म की शिक्षाओं पर विश्वास करता हूँ और उम्मीद करता हूँ कि एक दिन मेरी पत्नी भी इसे उसी दृष्टि से देखें।”
वेंस ने आगे कहा, “लेकिन अगर वह ऐसा नहीं करतीं, तो भी कोई समस्या नहीं है, क्योंकि ईश्वर ने हर व्यक्ति को अपनी इच्छा से चलने की स्वतंत्रता दी है।” उन्होंने यह भी बताया कि उषा एक हिंदू परिवार में पली-बढ़ीं, “लेकिन वह परिवार बहुत धार्मिक नहीं था।”
वेंस ने कहा, “जब मैं उषा से मिला था, उस समय मैं खुद को एक अज्ञेयवादी या नास्तिक मानता था, और वह भी खुद को ऐसा ही मानती थीं। परिवारों को अपने-अपने ढंग से एक व्यवस्था बनानी पड़ती है।”
वेंस ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने और उषा ने अपने तीन बच्चों को ईसाई शिक्षा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, “हमने तय किया है कि हमारे बच्चे ईसाई तौर-तरीके से पले-बढ़ें, और वे एक क्रिश्चियन स्कूल में पढ़ते भी हैं।”
उषा वेंस का दृष्टिकोण: "बच्चों को खुद निर्णय लेने की स्वतंत्रता है"
कुछ महीनों पहले, उषा वेंस ने एक पॉडकास्ट ‘सिटिजन मैककेन’ (Citizen McCain) में मेगन मैककेन से बातचीत में बताया था कि वह और उनके पति अपने तीन बच्चों इवान, विवेक और मिराबेल को एक धर्मनिरपेक्ष (इंटरफेथ) वातावरण में बड़ा कर रहे हैं।
उषा ने कहा, “हमने अपने बच्चों को कैथोलिक स्कूल में भेजने का फैसला किया है, और हमने उन्हें यह चयन का अधिकार दिया है कि वे चाहें तो खुद निर्णय लें कि उन्हें कैथोलिक रूप से बपतिस्मा (बपतिस्मा संस्कार) लेना है या नहीं। अगर वे ऐसा चाहते हैं, तो स्कूल में उनकी कक्षाओं के माध्यम से वे इस पूरी प्रक्रिया से गुजर सकते हैं।”
उन्होंने आगे बताया, “जब मैं जेडी से येल विश्वविद्यालय में मिली थी, तब वह कैथोलिक नहीं थे। बाद में उन्होंने धर्म परिवर्तन किया। उस समय हमने इस विषय पर कई चर्चाएँ कीं, खासकर जब हमारा पहला बच्चा पैदा हुआ था, शायद तब या फिर जब विवेक का जन्म हुआ था।”
सारांश:
जे.डी. वेंस और उषा वेंस के बीच धर्म के विषय पर आपसी सम्मान और स्वतंत्रता का भाव स्पष्ट दिखाई देता है। जहाँ जे.डी. वेंस अपनी ईसाई आस्था पर दृढ़ हैं, वहीं उषा अपने बच्चों को दोनों संस्कृतियों से परिचित कराने और उन्हें स्वयं निर्णय लेने की आज़ादी देने की पक्षधर हैं।
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