तुहिन कांत पांडे सेबी के नये चेयरमैन, माधबी पुरी बुच को औपचारिक विदाई नहीं मिली
केंद्र सरकार ने सेबी के नए चेयरपर्सन के रूप में तुहिन कांत पांडे को नियुक्त किया है। माधबी पुरी बुच का कार्यकाल 28 फरवरी (शुक्रवार) को समाप्त हो गया। हालांकि, सेबी की परंपरा के अनुसार आयोजित होने वाला विदाई समारोह उनके लिए आयोजित नहीं किया गया।
नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने सेबी के नए चेयरपर्सन के रूप में तुहिन कांत पांडे को नियुक्त किया है। माधबी पुरी बुच का कार्यकाल 28 फरवरी (शुक्रवार) को समाप्त हो गया। हालांकि, सेबी की परंपरा के अनुसार आयोजित होने वाला विदाई समारोह उनके लिए आयोजित नहीं किया गया।
कर्मचारियों की नाराजगी का कारण
सूत्रों के मुताबिक, सेबी के कर्मचारी बुच की विवादित नीतियों से खुश नहीं थे। उन्होंने अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में अपने पसंदीदा अधिकारियों को पदोन्नति देकर नाराजगी और बढ़ा दी थी। बुच ने 15 जनरल मैनेजरों (जीएम) को चीफ जनरल मैनेजर (सीजीएम) के पद पर पदोन्नत किया, जिनमें उनके कार्यकारी सहायक मुरुगन भी शामिल थे।
हिंडनबर्ग विवाद
माधबी पुरी बुच के कार्यकाल का आखिरी साल काफी विवादों से घिरा रहा। अगस्त 2024 में हिंडनबर्ग रिसर्च ने उन पर और उनके पति धवल बुच पर विदेशी संस्थानों में निवेश करने के आरोप लगाए थे, जिनमें अदानी समूह के गौतम अदानी के भाई विनोद अदानी का भी निवेश था।
हालांकि, बुच ने इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि ये निवेश उनके सेबी ज्वाइन करने से पहले किए गए थे।
कार्यकाल का विस्तार नहीं मिला
सेबी प्रमुख का कार्यकाल अधिकतम पांच साल तक हो सकता है, लेकिन बुच के कार्यकाल को विस्तार नहीं दिया गया। जबकि उनके पूर्ववर्ती अजय त्यागी और यू.के. सिन्हा को कार्यकाल विस्तार मिला था।
नए चेयरमैन की नियुक्ति
सरकार ने वित्त सचिव तुहिन कांत पांडे को तीन साल के लिए सेबी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है।
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