सरकार की नयी पहल ‘भारत टैक्सी’.. न सर्ज प्राइसिंग, न कमीशन कटौती; ड्राइवर होंगे सह-मालिक, यात्रियों को मिलेगा सस्ता सफर..!
देशभर के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब टैक्सी किराए में मनमानी और अचानक बढ़ने वाली कीमतों (सर्ज प्राइसिंग) से राहत मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने एक नई योजना “भारत टैक्सी” (Bharat Taxi) शुरू करने का एलान किया है जो सरकार समर्थित कोऑपरेटिव टैक्सी सेवा होगी। इसका उद्देश्य शहरों में सस्ते, पारदर्शी और भरोसेमंद टैक्सी विकल्प उपलब्ध..
नयी दिल्ली। देशभर के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब टैक्सी किराए में मनमानी और अचानक बढ़ने वाली कीमतों (सर्ज प्राइसिंग) से राहत मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने एक नई योजना “भारत टैक्सी” (Bharat Taxi) शुरू करने का एलान किया है जो सरकार समर्थित कोऑपरेटिव टैक्सी सेवा होगी। इसका उद्देश्य शहरों में सस्ते, पारदर्शी और भरोसेमंद टैक्सी विकल्प उपलब्ध कराना है।
क्या है भारत टैक्सी?
भारत टैक्सी एक सहकारी (cooperative) मॉडल पर आधारित टैक्सी सेवा है, जिसे केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) मिलकर विकसित कर रहे हैं।
यह भारत की पहली सहकारी टैक्सी सेवा होगी, जिसमें ड्राइवर खुद के सह-मालिक (co-owners) और शेयरहोल्डर बनेंगे।
- इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट नवंबर 2025 में दिल्ली में शुरू होगा।
- इसके तहत शुरुआती चरण में करीब 650 ड्राइवर-ओनर शामिल होंगे।
- दिसंबर 2025 तक इसे देश के अन्य शहरों में भी विस्तार दिया जाएगा।
ड्राइवरों को मिलेगा पूरा किराया
अन्य प्राइवेट ऐप-आधारित कैब सेवाओं के विपरीत, भारत टैक्सी में ड्राइवरों की कमाई पर कोई कमीशन नहीं कटेगा। जो भी यात्री किराया देगा, वह 100% राशि सीधे ड्राइवर को मिलेगी। इससे न सिर्फ ड्राइवरों की आमदनी बढ़ेगी बल्कि सेवा में पारदर्शिता भी आएगी।
पारदर्शी किराया, कोई ‘सर्ज प्राइसिंग’ नहीं
इस नई टैक्सी सेवा की सबसे बड़ी खासियत है —
- कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं: यानी ट्रैफिक या बारिश में अचानक किराया नहीं बढ़ेगा।
- साफ-सुथरी दरें (Transparent Fares): यात्रियों को तय और अनुमानित किराया पहले से पता रहेगा।
- डिजिटल एकीकरण (Digital Integration): सेवा को डिजीलॉकर (DigiLocker) और UMANG ऐप जैसे सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है।
ड्राइवर अब कहलाएंगे ‘सार्थी’
भारत टैक्सी के ड्राइवरों को “सार्थी” (Saarthi) कहा जाएगा — जो ‘रथचालक’ या ‘मार्गदर्शक’ का प्रतीक है। वे केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि इस सहकारी मॉडल के साझेदार सदस्य भी होंगे। इससे उन्हें कंपनी के निर्णयों में आवाज़ और अधिकार दोनों मिलेंगे।
निजी टैक्सी सेवाओं पर आलोचना
पिछले कुछ वर्षों में निजी ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं के खिलाफ
- अत्यधिक किराए,
- सर्ज प्राइसिंग,
- राइड कैंसिलेशन,
- असभ्य व्यवहार,
- और ड्राइवरों पर भारी कमीशन
को लेकर शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं।
यात्रियों के साथ-साथ ड्राइवर भी इन प्लेटफॉर्मों से परेशान थे क्योंकि उन्हें किराए का बड़ा हिस्सा कंपनी को कमीशन के रूप में देना पड़ता था।
‘सहकार से समृद्धि’ के तहत नई दिशा
सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, भारत टैक्सी की यह पहल “सहकार से समृद्धि” के विज़न के अनुरूप है। इसका उद्देश्य ड्राइवरों को सशक्त बनाना और लाभ का समान वितरण सुनिश्चित करना है।
देश में टैक्सी सेवा का नया युग
भारत टैक्सी को देश में टैक्सी इंडस्ट्री की क्रांतिकारी पहल माना जा रहा है। यह सेवा एक ऐसा सरकारी मॉडल प्रस्तुत करेगी जो..
- ड्राइवरों के हितों को केंद्र में रखेगी,
- और यात्रियों को सस्ती, सुरक्षित व ईमानदार सेवा प्रदान करेगी।
अब सबकी निगाहें दिल्ली पर हैं जहां नवंबर में “भारत टैक्सी” के पायलट की शुरुआत के साथ ही
भारत की सड़कों पर टैक्सी सेवा का नया अध्याय खुलने वाला है।
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