होरमुज़ जलडमरूमध्य के पास तनाव बढ़ा: अमेरिकी सेना ने ईरानी ड्रोन मार गिराए, रडार ठिकानों पर किया हमला
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत के बीच अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने होरमुज़ जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहे चार ईरानी हमलावर ड्रोन को मार गिराया और इसके बाद ईरान के दो तटीय रडार ठिकानों पर जवाबी ..
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत के बीच अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने होरमुज़ जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहे चार ईरानी हमलावर ड्रोन को मार गिराया और इसके बाद ईरान के दो तटीय रडार ठिकानों पर जवाबी हमला किया।
CENTCOM का दावा
अमेरिकी सेना की क्षेत्रीय कमान United States Central Command (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि उसके बलों ने चार "वन-वे अटैक ड्रोन" (आत्मघाती ड्रोन) को नष्ट कर दिया, जिन्हें ईरान की ओर से होरमुज़ जलडमरूमध्य की दिशा में भेजा गया था।
CENTCOM के अनुसार, "इन ड्रोन से क्षेत्रीय समुद्री यातायात को तत्काल खतरा था। इसके बाद अमेरिकी बलों ने आगे के हमलों को रोकने और आत्मरक्षा के तहत ईरान के गोरुक (Goruk) और क़ेश्म द्वीप (Qeshm Island) स्थित तटीय निगरानी रडार केंद्रों पर हमला किया।"
अमेरिकी सेना ने यह भी कहा कि वह क्षेत्र में किसी भी "अनुचित ईरानी आक्रामकता" का जवाब देने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है।
होरमुज़ जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य टकराव का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है।
ट्रंप का दावा: ईरान के पास अब भी मिसाइल क्षमता मौजूद
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि ईरान के पास अभी भी उसके मिसाइल भंडार का लगभग 21 से 22 प्रतिशत हिस्सा बचा हुआ है।
Moments ago, CENTCOM forces shot down four Iranian one-way attack drones that were launched toward the Strait of Hormuz. The attack drones posed an immediate threat to regional maritime traffic. U.S. forces subsequently struck Iranian coastal surveillance radar sites in Goruk and… — U.S. Central Command (@CENTCOM) June 5, 2026
NBC News को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, "ईरान के पास अभी भी कुछ मिसाइलें और ड्रोन हैं। प्रतिशत के हिसाब से कहूं तो उनके पास लगभग 21 या 22 प्रतिशत मिसाइल क्षमता अभी भी मौजूद है।" यह आंकड़ा ट्रंप द्वारा मई में बताए गए 18 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है।
युद्धविराम के बावजूद बनी हुई है चिंता
हालांकि क्षेत्र में एक नाजुक युद्धविराम लागू होने की बात कही जा रही है, लेकिन हाल के दिनों में ईरान द्वारा पड़ोसी देशों की दिशा में दर्जनों मिसाइलें दागे जाने के आरोप लगे हैं। वहीं अमेरिका लगातार यह दावा करता रहा है कि उसके सैन्य अभियानों ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।
लेकिन, ट्रंप के ताजा बयान से संकेत मिलता है कि ईरान के पास अभी भी पर्याप्त मात्रा में मिसाइल और ड्रोन क्षमता मौजूद है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
होरमुज़ जलडमरूमध्य के आसपास ड्रोन गतिविधियों और अमेरिकी जवाबी कार्रवाई से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका है। यदि दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाइयों का यह सिलसिला जारी रहता है, तो इसका असर न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल अमेरिका और ईरान दोनों की ओर से स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय तनाव कम करने की अपील कर रहा है।
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