डिएगो गार्सिया पर ईरान का हमला, क्या ब्रिटिश ठिकानों को निशाना बना रहा है तेहरान?
हिंद महासागर में स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया पर ईरान ने कथित रूप से दो मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब United Kingdom ने United States को अपने सैन्य ठिकानों का उपयोग ईरान के खिलाफ हमलों के लिए करने की अनुमति..
हिंद महासागर में स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया पर ईरान ने कथित रूप से दो मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब United Kingdom ने United States को अपने सैन्य ठिकानों का उपयोग ईरान के खिलाफ हमलों के लिए करने की अनुमति दी है, खासकर Strait of Hormuz क्षेत्र में।
मिसाइल हमला और नाकामी
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने डिएगो गार्सिया को निशाना बनाया, लेकिन वह बेस को नुकसान पहुंचाने में असफल रहा।
- एक मिसाइल उड़ान के दौरान ही फेल हो गई
- दूसरी मिसाइल को अमेरिकी युद्धपोत से दागे गए SM-3 इंटरसेप्टर द्वारा निशाना बनाया गया
- हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि मिसाइल पूरी तरह इंटरसेप्ट हुई या नहीं
यह हमला इस बात का संकेत है कि ईरान अब पश्चिम एशिया से बाहर भी अमेरिकी हितों को निशाना बनाने की क्षमता दिखाना चाहता है।
डिएगो गार्सिया का रणनीतिक महत्व
Diego Garcia, Chagos Islands में स्थित है और ईरान से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर है।
यह ब्रिटेन द्वारा अमेरिका को “रक्षात्मक अभियानों” के लिए दिए गए दो प्रमुख ठिकानों में से एक है।
इस बेस पर अमेरिकी सेना ने बमवर्षक विमान और अन्य सैन्य उपकरण तैनात कर रखे हैं। यह अड्डा पहले भी Afghanistan और Iraq में अभियानों के दौरान एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ता तनाव
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने Strait of Hormuz को बंद करने की चेतावनी दी है।
ईरान ने कहा है कि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है। हाल के दिनों में कई तेल टैंकरों पर हमले भी हुए हैं।
ब्रिटेन की भूमिका
United Kingdom ने अमेरिका को अपने ठिकानों के उपयोग की अनुमति दी है, जिसमें अब खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा भी शामिल है।
ब्रिटेन 1960 के दशक से चागोस द्वीप समूह पर नियंत्रण बनाए हुए है, हालांकि उसने इन्हें Mauritius को वापस सौंपने पर सहमति जताई है।
इसके बावजूद, डिएगो गार्सिया बेस पर ब्रिटेन का लीज अधिकार बना रहेगा। इस फैसले की आलोचना अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी की है।
युद्ध का विस्तार
पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष 21 मार्च को 22वें दिन में प्रवेश कर गया।
इसकी शुरुआत 28 फरवरी को तब हुई जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei और कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए।
- अमेरिका ने इस ऑपरेशन को “Epic Fury” नाम दिया
- इज़राइल ने इसे “Lion’s Roar” कहा
यह हमले अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत के बीच हुए।
What's Your Reaction?