उत्तरकाशी: बाढ़ के बाद लोगों की निकासी जारी, 1,000 से अधिक हवाई मार्ग से सुरक्षित स्थान पर लाए गए

उत्तरकाशी के आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र और आसपास से लोगों को निकालने के लिए शनिवार को हेलिकॉप्टरों ने कई बार उड़ानें भरीं। राहत अभियान के पांचवें दिन सड़क संपर्क बहाल करने और प्रभावित लोगों तक खाद्य पैकेट पहुंचाने पर जोर..

उत्तरकाशी: बाढ़ के बाद लोगों की निकासी जारी, 1,000 से अधिक हवाई मार्ग से सुरक्षित स्थान पर लाए गए
10-08-2025 - 11:18 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

देहरादून। उत्तरकाशी के आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र और आसपास से लोगों को निकालने के लिए शनिवार को हेलिकॉप्टरों ने कई बार उड़ानें भरीं। राहत अभियान के पांचवें दिन सड़क संपर्क बहाल करने और प्रभावित लोगों तक खाद्य पैकेट पहुंचाने पर जोर दिया गया।

मंगलवार को खीर गंगा में आए विनाशकारी भूस्खलन ने धराली बाजार में तबाही मचाई, जहां होटल और होमस्टे मलबे में बदल गए और जो भी रास्ते में आया, बह गया। इस दौरान कई लोगों की मौत हुई और भारी तबाही हुई। SDRF की डॉग स्क्वॉड टीम मलबे में लापता लोगों को खोजने के लिए जर्जर इमारतों के बीच से गुज़री। टीम अत्याधुनिक उपकरणों—जैसे विक्टिम लोकेटिंग और थर्मल इमेजिंग कैमरा—और डॉग स्क्वॉड की मदद से धराली में फंसे लोगों की तलाश कर रही है।

उत्तराखंड DGP दीपम सेठ ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा, फंसे लोगों की तेजी से निकासी के साथ-साथ हमें लापता लोगों की खोज और बचाव पर भी ध्यान केंद्रित करना है।”
जिला प्रशासन ने इस आपदा में चार मौतों की पुष्टि की है, दो शव बरामद हुए हैं और 49 लोग लापता हैं।

IAF के चिनूक और Mi-17 हेलिकॉप्टरों के अलावा उत्तराखंड सिविल एविएशन अथॉरिटी के हेलिकॉप्टर भी सुबह से ही लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए उड़ान भर रहे हैं। बुधवार से शुरू हुई निकासी के बाद शनिवार शाम तक धराली और हर्षिल से 1,000 से अधिक लोगों को एयरलिफ्ट किया गया है, जहां सेना का एक कैंप भी फ्लैश फ्लड में क्षतिग्रस्त हो गया था और उसके नौ जवान लापता हैं।

हर्षिल के निवासी गोविंद राम भंडारी ने बताया कि 5 अगस्त की शाम मंदराकिनी घाट पर भारी मलबा जमा हो जाने से नदी के प्रवाह पर असर पड़ा। उन्होंने कहा, हम भगोरी के रहने वाले हैं और वहां स्थिति सामान्य है, लेकिन हर्षिल में कुछ होमस्टे बाढ़ में बह गए हैं। यहां मोबाइल नेटवर्क नहीं था, कल ही कनेक्टिविटी बहाल हुई है। बिजली अब भी नहीं है और पीने के पानी की दिक्कत है—बाढ़ की वजह से गंदा पानी आ रहा है।”

गंगनानी के पास लिंचिगाड़ में एक बैली ब्रिज बनाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, जिसे रविवार शाम तक तैयार करने की संभावना है। यह एक मॉड्यूलर पुल है जिसे पहले से बने हिस्सों को जोड़कर जल्दी बनाया जा सकता है। गंगोत्री हाईवे कई जगहों पर बंद या क्षतिग्रस्त है, जिससे मलबे में दबे लापता लोगों को ढूंढने के लिए आवश्यक उपकरण पहुंचाने में बाधा आ रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जो तीन दिन उत्तरकाशी में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने के बाद शनिवार को देहरादून लौटे, उन्होंने धराली आपदा में मारे गए और घर गंवाने वाले प्रत्येक परिवार को ₹5 लाख की तत्काल सहायता देने की घोषणा की।
उन्होंने पुनर्वास, समग्र पुनर्निर्माण और प्रभावित गांवों की सतत आजीविका को मजबूत करने के लिए तीन सदस्यीय समिति भी गठित की। राजस्व सचिव की अध्यक्षता वाली यह समिति एक सप्ताह में सरकार को प्रारंभिक रिपोर्ट देगी और धराली गांव के लिए दीर्घकालिक व प्रभावी नीति का खाका तैयार करेगी, ताकि स्थानीय समुदाय की सुरक्षा और आजीविका सुनिश्चित की जा सके।

धामी ने सोशल मीडिया पर कहा, धराली (उत्तरकाशी) के आपदा प्रभावित क्षेत्र में फंसे बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों और अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं को राहत और बचाव दलों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया कि केंद्र ने राहत कार्यों में पूरा सहयोग दिया।
उन्होंने बताया कि मकान, ज़मीन, खेती और अन्य नुक़सान का आकलन शुरू हो चुका है और मुआवजे का वितरण अगले दो-तीन दिनों में शुरू हो जाएगा।

सरकार की प्राथमिकता घाटी में फंसे सभी लोगों को निकालना है, जो लगभग पूरा हो चुका है। इसके साथ ही मकानों, खेतों, कृषि और अन्य नुक़सान का विस्तृत सर्वे भी चल रहा है, ताकि शेष मुआवजा जल्द दिया जा सके।
समुदायिक रसोईयों के माध्यम से भोजन, राशन, आपातकालीन लाइट, कपड़े और अन्य जरूरी सामग्री लगातार प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा रही है। बिजली और नेटवर्क की व्यवस्था बहाल कर दी गई है और सड़क को भी जल्द यातायात के लिए सुचारू किया जाएगा। राज्य सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।