‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर लगा ब्रेक, बिहार पुलिस ने रोका राहुल गांधी का मार्च
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में निकली 14 दिनों की वोटर अधिकार यात्रा का समापन वैसे नहीं हो पाया जैसा आयोजकों ने उम्मीद की थी। सोमवार को ‘गांधी से आंबेडकर’ मार्च, जो वोटर अधिकार यात्रा का अंतिम चरण था, को बीच रास्ते ही रोक दिया गया..
पटना। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में निकली 14 दिनों की वोटर अधिकार यात्रा का समापन वैसे नहीं हो पाया जैसा आयोजकों ने उम्मीद की थी। सोमवार को ‘गांधी से आंबेडकर’ मार्च, जो वोटर अधिकार यात्रा का अंतिम चरण था, को बीच रास्ते ही रोक दिया गया। इस घटना ने विपक्ष को आक्रामक बना दिया और उन्होंने सत्तारूढ़ सरकार पर यात्रा में व्यवधान डालने का आरोप लगाया।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने यात्रा रुकने के बाद कहा, “चुनाव आयोग अपने स्रोतों से यह खबरें लगवाता रहता है कि किसी राजनीतिक दल से शिकायतें नहीं आ रही हैं। सच्चाई यह है कि कांग्रेस ने SIR की गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग को 89 लाख शिकायतें सौंपी हैं।”
राहुल गांधी की यात्रा से जुड़े मुख्य अपडेट:
- 1,300 किलोमीटर लंबी ‘वोटर अधिकार यात्रा’, जिसे चुनाव आयोग के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में निकाला गया था, सोमवार को बिहार पुलिस द्वारा बीच में ही रोक दी गई।
- कांग्रेस ने रविवार को मांग की थी कि विवादित विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) को दोबारा कराया जाए, क्योंकि बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) द्वारा जमा की गई लगभग 89 लाख शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
- ‘गांधी से आंबेडकर’ विरोध मार्च, जो यात्रा का समापन था, पटना के गांधी मैदान से शुरू हुआ। यहाँ INDIA गठबंधन के नेताओं ने सबसे पहले महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की।
- यह मार्च एस. पी. वर्मा रोड, डाक बंगला चौराहा, कोतवाली थाना, नेहरू पथ, इनकम टैक्स गोलंबर से होकर गुजरते हुए अंततः पटना हाईकोर्ट के पास स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक पहुँचने वाला था। लेकिन इसे आधे रास्ते में ही रोक दिया गया।
- वोटर अधिकार यात्रा का उद्घाटन विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 अगस्त को सासाराम से किया था। यह यात्रा 38 जिलों में से 25 जिलों से गुजरते हुए 110 विधानसभा क्षेत्रों को कवर कर चुकी थी, जो आगामी बिहार विधानसभा चुनावों से पहले का एक अहम राजनीतिक कार्यक्रम था।
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