पहलगाम आतंकी हमले के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा घोषित कैबिनेट सुरक्षा समिति (CCS) बैठक के पांच प्रमुख निर्णय
गृह मंत्री अमित शाह ने कैबिनेट सुरक्षा समिति (CCS) की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहलगाम आतंकी हमले की विस्तृत जानकारी दी..
नयी दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट सुरक्षा समिति (CCS) की बैठक बुलाई, जिसमें स्थिति की समीक्षा की गई और इस भीषण हमले के बाद सरकार की रणनीति पर चर्चा हुई।
यह बैठक प्रधानमंत्री के 7, लोकनायक मार्ग स्थित आवास पर शाम 6 बजे शुरू होकर रात 8:30 बजे तक चली। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री को हमले की जानकारी दी और आगे की कार्रवाई पर विचार-विमर्श किया। पीएम मोदी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट सुरक्षा समिति (CCS) की बैठक में गृह मंत्री अमित शाह के अलावा विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य उच्च पदस्थ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के बाद विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, "22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की मृत्यु हुई है। कई अन्य लोग घायल हुए हैं। CCS ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।"
विदेश सचिव ने आगे बताया कि इस आतंकी हमले की गंभीरता को देखते हुए CCS ने निम्नलिखित पांच फैसले लिये।
CCS बैठक के पांच प्रमुख निर्णय:
- इंडस जल संधि (1960) तत्काल प्रभाव से निलंबित की जाती है, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के समर्थन से विश्वसनीय व अपूरणीय रूप से पीछे नहीं हटता।
- इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट अटारी को तुरंत बंद किया जाता है। जिन लोगों ने वैध दस्तावेजों के साथ इस मार्ग से भारत में प्रवेश किया है, वे 1 मई 2025 से पहले इसी मार्ग से लौट सकते हैं।
- पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क वीज़ा छूट योजना (SVES) के तहत भारत यात्रा पर रोक लगाई जाती है। पहले से जारी SVES वीज़ा निरस्त माने जाएंगे। वर्तमान में SVES वीज़ा पर भारत में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने का निर्देश है।
- नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में रक्षा, नौसेना और वायुसेना सलाहकारों को "पर्सोना नॉन ग्राटा" घोषित किया गया है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर भारत छोड़ना होगा। इसी तरह भारत इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग से रक्षा, नौसेना और वायुसेना सलाहकारों को भी वापस बुलाएगा। दोनों उच्चायोगों में इन पदों को अब अमान्य माना जाएगा। साथ ही, इन सैन्य अधिकारियों के पांच सहायक कर्मचारियों को भी दोनों देशों के उच्चायोगों से हटाया जाएगा।
- भारत और पाकिस्तान के उच्चायोगों में कुल कर्मचारियों की संख्या को घटाकर 30 किया जाएगा, जो वर्तमान में 55 है। यह कटौती 1 मई 2025 तक लागू की जाएगी।
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