वक़्फ़ संशोधन अधिनियम के खिलाफ कांग्रेस विधायक रफ़ीक़ ख़ान ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
राजस्थान के आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक और वक़्फ़ बोर्ड के सदस्य रफ़ीक़ ख़ान ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में वक़्फ़ (संशोधन) अधिनियम को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की है..
जयपुर। राजस्थान के आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक और वक़्फ़ बोर्ड के सदस्य रफ़ीक़ ख़ान ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में वक़्फ़ (संशोधन) अधिनियम को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की है।
याचिका में कहा गया है कि यह नया कानून मुसलमानों के संविधान में प्रदत्त अधिकारों का उल्लंघन करता है, जिसमें अनुच्छेद 14, 15 और 19 के तहत समानता के अधिकार, अनुच्छेद 25 और 26 के तहत अपने धर्म का पालन करने और धार्मिक कार्यों का प्रबंधन करने का अधिकार, और अनुच्छेद 29 के तहत अल्पसंख्यकों के अधिकारों का संरक्षण शामिल है।
रफ़ीक़ ख़ान ने कहा, “हमने याचिका में यह कहा है कि वक़्फ़ बोर्ड और केंद्रीय वक़्फ़ परिषद की संरचना में संशोधन करके इसमें गैर-मुस्लिम सदस्यों की अनिवार्य नियुक्ति की गई है। यह धार्मिक प्रशासन में अनुचित हस्तक्षेप है। जबकि अन्य धार्मिक न्यासों का प्रबंधन विभिन्न राज्य अधिनियमों और उनके अपने धार्मिक समुदायों के अनुसार होता है। यह चयनात्मक हस्तक्षेप है, जो अन्य धार्मिक संस्थाओं पर ऐसे ही प्रावधान लागू किए बिना किया गया है।”
प्रमुख बिंदु:
- राजस्थान के आदर्श नगर से कांग्रेस विधायक रफ़ीक़ ख़ान ने वक़्फ़ (संशोधन) अधिनियम को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
- याचिका में तर्क दिया गया है कि अधिनियम मुसलमानों के धार्मिक और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है क्योंकि इसमें वक़्फ़ प्रशासनिक संस्थाओं में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति अनिवार्य की गई है।
- इससे पहले मुंबई के सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद जमी़ल मर्चेंट, जमीयत उलमा-ए-हिंद के मौलाना अरशद मदनी, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मोहम्मद फज़लुर्रहीम, मणिपुर के विधायक शेख़ नूरुल हसन, और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी इस अधिनियम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल कर चुके हैं।
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