राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के बीच क्या बिगड़ा? जानिए पूरी कहानी
आम आदमी पार्टी (AAP) अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने यह भी कहा है कि उन्हें सदन में AAP के कोटे से बोलने का समय नहीं दिया जाए। यदि यह फैसला आधिकारिक रूप से लागू होता है, तो यह पार्टी के अंदर चल रही खींचतान का सार्वजनिक रूप से बड़ा संकेत माना..
आम आदमी पार्टी (AAP) अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने यह भी कहा है कि उन्हें सदन में AAP के कोटे से बोलने का समय नहीं दिया जाए। यदि यह फैसला आधिकारिक रूप से लागू होता है, तो यह पार्टी के अंदर चल रही खींचतान का सार्वजनिक रूप से बड़ा संकेत माना जाएगा, जो अब तक पर्दे के पीछे चल रही थी।
सूत्रों के मुताबिक, AAP ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर मांग की है कि राघव चड्ढा को उच्च सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटाया जाए और उन्हें बोलने का समय भी न दिया जाए। साथ ही पार्टी ने अशोक मित्तल को राज्यसभा में AAP का नया उपनेता नियुक्त करने का अनुरोध भी किया है।
क्या बिगड़ा राघव चड्ढा और AAP के बीच?
राघव चड्ढा, जो पार्टी की स्थापना से ही AAP के साथ जुड़े रहे हैं, उन्हें हटाए जाने की खबर ऐसे समय में आई है जब पार्टी पंजाब समेत कई राज्यों में चुनाव की तैयारी कर रही है। हालांकि, उनके खिलाफ क्या गया यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह देखा गया है कि AAP की “बड़ी जीतों” के दौरान वह अक्सर नजर नहीं आए।
AAP ने आधिकारिक तौर पर इस फैसले के कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन यह कदम पार्टी नेतृत्व और चड्ढा के बीच मतभेदों की ओर इशारा करता है।
पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा की सार्वजनिक सक्रियता कम रही है, जिससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि रणनीति, भूमिका और पार्टी के भीतर तालमेल को लेकर मतभेद हो सकते हैं। वे हाल के महीनों में पार्टी नेताओं के साथ कम और संसद में ज्यादा सक्रिय दिखाई दिए, जहां उन्होंने कई जनहित के मुद्दे उठाए।
महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप्पी और अनुपस्थिति
ध्यान देने वाली बात यह है कि राघव चड्ढा ने AAP और उसके शीर्ष नेतृत्व से जुड़े कई अहम घटनाक्रमों पर चुप्पी साधे रखी। इनमें अदालत द्वारा पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस में सभी आरोपों से बरी किए जाने का फैसला भी शामिल है।
इसके अलावा, वे पार्टी के कई बड़े कार्यक्रमों में भी नजर नहीं आए, जैसे कि:
- पार्टी कार्यालय में केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस
- जंतर-मंतर पर आयोजित ‘जनसभा’
2024 लोकसभा चुनाव से पहले कथित शराब घोटाले में केजरीवाल की गिरफ्तारी के दौरान भी उनकी अनुपस्थिति चर्चा में रही। बताया गया कि उस समय वह आंखों की सर्जरी के बाद रिकवरी के लिए यूके में थे।
कौन हैं राघव चड्ढा? AAP में उनका सफर
राघव चड्ढा AAP के शुरुआती सदस्यों में से एक हैं और उन्होंने पार्टी में तेजी से उभरते हुए अहम जिम्मेदारियां संभालीं।
- उन्होंने 2012 में अरविंद केजरीवाल के साथ दिल्ली लोकपाल बिल पर काम करते हुए अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की।
- बाद में वे पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सबसे युवा कोषाध्यक्ष बने।
- 2019 लोकसभा चुनाव में दक्षिण दिल्ली से चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा।
- 2020 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में राजेंद्र नगर सीट से जीत हासिल की।
- दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष भी रहे।
2022 में, वह 33 साल की उम्र में सबसे युवा राज्यसभा सांसद बने। हाल ही में वह संसद में अपने भाषणों के कारण चर्चा में रहे, जिनमें उन्होंने हवाई अड्डों पर सस्ती खाद्य वस्तुओं, ‘सरपंच पति’ प्रथा और पितृत्व अवकाश जैसे मुद्दे उठाए।
निष्कर्ष
राघव चड्ढा और AAP के बीच कथित मतभेद अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन पार्टी के हालिया कदमों से यह संकेत जरूर मिलता है कि अंदरूनी तनाव अब खुलकर सामने आ सकता है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह विवाद किस दिशा में जाता है और पार्टी की रणनीति पर इसका क्या असर पड़ता है।
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