हे हरिराम श्रीकृष्ण जगन्नाथम ये क्या हुई..जीत के लिए124 रनों का छोटा लक्ष्य हासिल कर जीत सुनिश्चित करने के लिए बढ़ती टीम इंडिया और पहले टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका से 30 रनों से हार बैठी..!
हे हरिराम श्रीकृष्ण जगन्नाथम ये क्या हुई..भारतीय जीत को औपचारिकता मान बैठे भारतीय क्रिकेट प्रशंसक कुछ ऐसा ही सोच रहे हैं। कोलकाता में देश के प्रसिद्ध क्रिकेट मैदान इडेन गार्डन्स में खेले गए दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ के पहले मुकाबले में टीम इंडिया को दक्षिण अफ्रीका ने 30 रन से हराकर 1-0 की बढ़त हासिल..
कोलकाता। हे हरिराम श्रीकृष्ण जगन्नाथम ये क्या हुई..भारतीय जीत को औपचारिकता मान बैठे भारतीय क्रिकेट प्रशंसक कुछ ऐसा ही सोच रहे हैं। कोलकाता में देश के प्रसिद्ध क्रिकेट मैदान इडेन गार्डन्स में खेले गए दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ के पहले मुकाबले में टीम इंडिया को दक्षिण अफ्रीका ने 30 रन से हराकर 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।
कहां तो शुक्रवार को भारतीय टीम को जीत की दहलीज पर बताते हुए रिपोर्ट लिखी गयी थीं। क्रिकेट पंडित भी भारत की जीत को औपचारिकता मात्र बता रहे थे लेकिन शनिवार को टेम्बा बावुमा की कप्तानी में प्रोटियाज ने गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन किया। कप्तान बावुमा ने दूसरी पारी में नाबाद 55 रन की अहम पारी खेलते हुए टीम को 124 रन का लक्ष्य देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जो अंततः भारत के लिए बेहद कठिन साबित हुआ।
भारत की पारी लड़खड़ाई, 93/9 पर सिमटी टीम
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम शुरू से ही दबाव में दिखी। शुभमन गिल गर्दन में खिंचाव के कारण बल्लेबाजी के लिए नहीं उतर सके और भारत ने 93/9 पर मुकाबला गंवा दिया।
- यशस्वी जायसवाल—मार्को जैनसन की गेंद पर 0 पर कैच आउट
- केएल राहुल—जैनसन की अतिरिक्त बाउंस वाली गेंद पर 1 रन पर आउट
- लंच तक भारत 10/2, वॉशिंगटन सुंदर और ध्रुव जुरेल ने संभाला मोर्चा
दूसरे सत्र में जुरेल ने सायमन हार्मर की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन डीप में कॉर्बिन बॉश ने शानदार कैच पकड़ लिया।
इसके बाद ऋषभ पंत क्रॉस-मेंशन शॉट्स के बीच संघर्ष करते दिखाई दिए। एक रिवर्स स्वीप पर वे बच तो गए, लेकिन दबाव बढ़ता गया और हार्मर ने ही उन्हें 2 रन पर कैच और बोल्ड कर दिया।
हार्मर ने इसके बाद रविंद्र जडेजा को 18 रन पर LBW आउट किया और भारतीय पारी पर पकड़ और मजबूत कर ली।
अक्षर पटेल की कोशिश नाकाम, महाराज ने कराई जीत पक्की
आखिरी उम्मीद के रूप में अक्षर पटेल ने कुछ बड़े शॉट लगाए—केशव महाराज को चौका और दो छक्के लेकिन 26 रन पर कप्तान बावुमा ने उनका बेहतरीन कैच लेकर भारत की उम्मीदें खत्म कर दीं। अगली ही गेंद पर महाराज ने मोहम्मद सिराज को गोल्डन डक पर बोल्ड कर मैच समाप्त कर दिया।
यह भारत में टेस्ट क्रिकेट में बचाया गया दूसरा सबसे छोटा लक्ष्य है, जिसने पिच की गुणवत्ता पर गहरे सवाल खड़े कर दिए।
मैच के बाद पिच विवाद पर प्रतिक्रियाएँ
पंत ने कहा, “विकेट पर मदद थी, 120 जैसे स्कोर मुश्किल हो सकते हैं लेकिन हमें दबाव झेलकर मौके का फायदा उठाना चाहिए था।” भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी पिच को दोषी मानने से इनकार किया और कहा कि “पिच में कोई दिक्कत नहीं थी, यह सामूहिक विफलता थी।”
भारत अपने ही खेल में हारा? कप्तान टेम्बा बावुमा की बड़ी टिप्पणी
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान बावुमा ने मैच के बाद कहा कि वे भारत को “उनके ही खेल” में मात दे गए। बावुमा ने कहा, “हाँ, शायद यह सच है। जो विकेट तैयार किया गया था, वह समझ के मुताबिक भारत की तरफ़ से ही मांगा गया था। हम जानते थे कि यहाँ स्पिन मददगार होगा।”
बावुमा की 55 रनों की ठोस पारी इस लो-स्कोरिंग मैच में निर्णायक साबित हुई। पिच पर तेज़ टर्न, अनियमित उछाल और स्किड होती गेंदों के बीच उनकी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी मिसाल रही जो भारतीय बल्लेबाजों में नज़र नहीं आई।
इडेन पिच पर बहस तेज
मैच शुरू होने के पहले दिन से ही पिच चर्चा में रही। यह सूखी और कम तैयार सतह स्पष्ट रूप से स्पिनरों की मददगार थी लेकिन इसमें उछाल असमान था, जिससे रक्षात्मक खेल भी कठिन हो गया।
भारत की चौथी पारी 35 ओवर में सिमट गई, जिसके बाद यह सवाल उठने लगे कि क्या “अत्यधिक स्पिन-फ्रेंडली” पिच भारतीय टीम पर ही उलटी पड़ गई?
बावुमा ने कहा, “इसमें कोई खतरनाक नहीं थे, बस वही जो भारत में आमतौर पर देखने को मिलता है। कुछ गेंदें उछल रहीं थीं, कुछ नीचे रह रहीं थीं, जिससे क्रॉस-बैटेड शॉट मुश्किल थे।” सौरव गांगुली और कोच गंभीर ने भी पुष्टि की कि पिच भारतीय टीम की मांग के अनुसार ही बनाई गई थी।
सीरीज़ में बढ़त दक्षिण अफ्रीका के पास, भारत के सामने कठिन सवाल
दक्षिण अफ्रीका 1-0 से आगे है और भारत अब न केवल बल्लेबाजी बल्कि अपनी पिच रणनीति पर भी सवालों से घिरा है। दूसरा टेस्ट 22 नवंबर से गुवाहाटी में खेला जाएगा, जहाँ भारत वापसी की कोशिश करेगा।
What's Your Reaction?