भगोड़ा घोषित विधायक अब्बास अंसारी को मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत
उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्तों की अंतरिम राहत दी है। जी हां, सुप्रीम कोर्ट ने अब्बास अंसारी के आर्म्स एक्ट मामले में फिलहाल गिरफ्तारी के अगले आदेश तक रोक लगा दी है
गौरतलब है कि पिछले 14 जुलाई को निचली अदालत ने उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया था। इस बाबत सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को निर्देश दिया है कि वह अगले आदेश तक अब्बास अंसारी के खिलाफ कोई कदम न उठाए। साथ ही को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर आज योगी सरकार को नोटिस जारी किया है
आज अब्बास की ओर से पैरवी कर रहे वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि अब्बास अंसारी राष्ट्रीय राइफल संघ के सदस्य हैं। उनके पास इस बाबत लाइसेंस भी है लेकिन फिर भी उन पर उत्तर प्रदेश में अपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही निचली अदालत में समन और गैर जमानती वारंट जारी कर दिया और उनकी संपत्ति को सीज कर लिया गया है।
क्या है आर्म्स एक्ट मामले के साथ अब्बास अंसारी का कनेक्शन
विधायक अब्बास अंसारी ने पेपल मिल कॉलोनी मेट्रो सिटी पते के नाम पर वर्ष 2012 में डबल बैरल गन का लाइसेंस लिया था। हालांकि अब्बास ने दस्तावेजों में हेरफेर किया और अपना शस्त्र लाइसेंस दिल्ली के पते पर हस्तांतरित करवा लिया था। इसके बाद 12 अक्टूबर 2019 को उनके विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया। जब लाइसेंस के दुरुपयोग के मामले में अब्बास अंसारी कोर्ट नहीं पहुंचे तो उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही एमपी-एमएलए कोर्ट ने अंसारी के विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई का नोटिस जारी किया था। इसके पहले भी यूपी विधानसभा चुनाव में भड़काऊ भाषण देने के मामले में मऊ की सीजेएस एमपी-एमएलए कोर्ट ने अब्बास अंसारी व उनके भाई उमर अंसारी के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया था।
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