70 दिन धरना देने के बाद नौकरी के लिए पानी की टंकी पर चढ़े 12 युवक-युवतियां
<p>दोपहर करीब 2ः30 बजे पहले 7 युवा मित्र टंकी पर चढ़े। इसके बाद पांच और चढ़ गए। स्थानीय पुलिस और बड़ी संख्या में युवा मित्र मौके पहुंचे। लेकिन मौके पर समझाइश करने कोई नहीं पहुंचा।</p>
राजस्थान सरकार के खिलाफ राजीव गांधी युवा मित्रों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। नौकरी के लिए पिछले 70 दिनों से जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना दे रहे 12 युवा मित्र शुक्रवार को जयपुरिया हॉस्पिटल के पीछे पानी की टंकी पर चढ़ गए। फिर से नियुक्ति की मांग करने लगे। इनमें युवतियां भी शामिल हैं। टंकी पर चढ़े युवा मित्रों ने कहा- अगर सरकार ने समय रहते हमारी मांग को पूरी नहीं की तो हम कुछ गलत फैसला लेंगे। इसके लिए राजस्थान की भाजपा सरकार जिम्मेदार होगी।
पेट्रोल की बोलत लेकर टंकी पर चढ़े
टंकी पर चढ़े युवा मित्र जितेंद्र गुर्जर ने कहा- हम गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे थे। कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इसलिए मजबूरन आज हमें पेट्रोल की बोतल लेकर टंकी पर चढ़ना पड़ रहा है। अगर इसके बाद भी सरकार ने नहीं सुना तो हम आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
आर पार की लड़ाई लड़ने का फैसला किया
राजीव गांधी युवा मित्र संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष संजय मीणा ने कहा- जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार का कोई भी प्रतिनिधि हमसे बातचीत तक करने नहीं आया है। जबकि हमने हमारी मांगों को लेकर सरकार से लेकर प्रशासन के हर अधिकारी तक गुहार लगाई है। फिर भी कोई सुनने वाला तक नहीं है। इसलिए अब हमने आर पार की लड़ाई लड़ने का फैसला किया है। इसका नुकसान सरकार को लोकसभा चुनाव में भी उठाना पड़ेगा।
नई सरकार के गठन के बाद हटाया
बता दें कि राजस्थान में लगभग 5000 राजीव गांधी युवा मित्र नौकरी कर रहे थे। जिन्हें भजनलाल सरकार के गठन के बाद हटा दिया गया था। इसके बाद जयपुर के शहीद स्मारक पर बेरोजगार हुए युवा मित्रों ने धरना शुरू कर दिया।
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