होर्मुज तनाव के बीच कैबिनेट का बड़ा फैसला, 12,980 करोड़ रुपये का ‘भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल’ मंजूर

Union Cabinet of India ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz में अनिश्चितता के बीच देश की समुद्री व्यापार सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 12,980 करोड़ रुपये के ‘भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल’ (BMI Pool) को मंजूरी दे..

होर्मुज तनाव के बीच कैबिनेट का बड़ा फैसला, 12,980 करोड़ रुपये का ‘भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल’ मंजूर
19-04-2026 - 09:22 AM

नयी दिल्ली। Union Cabinet of India ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz में अनिश्चितता के बीच देश की समुद्री व्यापार सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 12,980 करोड़ रुपये के ‘भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल’ (BMI Pool) को मंजूरी दे दी है।

प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने शनिवार को इस नई घरेलू समुद्री बीमा व्यवस्था की घोषणा की, जो संकट के समय जहाजों और माल ढुलाई को बीमा सुरक्षा प्रदान करेगी।

सरकार द्वारा बनाए जाने वाले इस पूल को 12,980 करोड़ रुपये की संप्रभु गारंटी (sovereign guarantee) मिलेगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर, खासकर संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों से गुजरने वाले भारतीय जहाजों को निरंतर और किफायती बीमा उपलब्ध कराया जा सकेगा।

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों ने यह दिखा दिया है कि अंतरराष्ट्रीय बीमा और पुनर्बीमा (re-insurance) प्रणाली ऐसे गंभीर संकटों में पर्याप्त कवरेज नहीं दे पाती। इसी कमी को दूर करने के लिए ‘भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल’ की स्थापना की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत भारत-ध्वज (Indian-flagged), भारत-नियंत्रित और भारत आने-जाने वाले जहाजों को बीमा कवर मिलेगा। यह बीमा अवधि 10 वर्षों के लिए मान्य होगी, जिसे 15 वर्षों तक बढ़ाया जा सकेगा।

इस बीमा में जहाज के ढांचे (Hull), मशीनरी, कार्गो, प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी (P&I) और युद्ध जोखिम (war risk) जैसी महत्वपूर्ण श्रेणियां शामिल होंगी। पूल के सदस्य बीमा कंपनियां मिलकर लगभग 950 करोड़ रुपये की अंडरराइटिंग क्षमता के साथ पॉलिसियां जारी करेंगी।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण समुद्री मार्गों पर जोखिम बढ़ गया है और बीमा लागत में भारी वृद्धि हुई है। कई वैश्विक बीमा कंपनियां और P&I क्लब युद्ध या भू-राजनीतिक तनाव के दौरान कवरेज देने में हिचकिचाती हैं।

इस नई व्यवस्था से भारत को एक घरेलू सुरक्षा कवच मिलेगा, जिससे संकट के समय भी भारतीय जहाजों का संचालन बाधित नहीं होगा और विदेशी बीमा कंपनियों पर निर्भरता कम होगी। वर्तमान में भारत की समुद्री बीमा जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशी P&I क्लबों से पूरा होता है।

सरकार का मानना है कि यह फंड कच्चे तेल, LNG और अन्य आवश्यक वस्तुओं के आयात को सुरक्षित बनाएगा, साथ ही भारत के समुद्री व्यापार, बंदरगाह विकास और वैश्विक व्यापार में हिस्सेदारी बढ़ाने के लक्ष्य को भी मजबूती देगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।