‘बिंदी पर रोक’ विवाद पर एयर इंडिया ने दी सफाई, कहा पुराना मैनुअल; लेंसकार्ट जैसा ही तर्क

Air India ने केबिन क्रू के लिए कथित “बिंदी पर रोक” से जुड़े विवाद पर सफाई दी है और कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दस्तावेज़ पुराना है और वर्तमान नीति का हिस्सा नहीं..

‘बिंदी पर रोक’ विवाद पर एयर इंडिया ने दी सफाई, कहा पुराना मैनुअल; लेंसकार्ट जैसा ही तर्क
22-04-2026 - 11:26 AM
22-04-2026 - 11:35 AM

नयी दिल्ली। Air India ने केबिन क्रू के लिए कथित “बिंदी पर रोक” से जुड़े विवाद पर सफाई दी है और कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दस्तावेज़ पुराना है और वर्तमान नीति का हिस्सा नहीं है।

हाल ही में एयर इंडिया के केबिन क्रू के ग्रूमिंग गाइडलाइंस ऑनलाइन सामने आए, जिनमें सिंदूर, टिक्का और बिंदी के इस्तेमाल को लेकर नियम बताए गए थे। गाइडलाइन में लिखा था, “माथे पर किसी भी रंग का टिक्का या सिंदूर लगाने की अनुमति नहीं है।”

हालांकि, दस्तावेज़ में बिंदी को पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं किया गया था बल्कि यह कहा गया था कि साड़ी के साथ 5 मिमी की बिंदी वैकल्पिक रूप से पहनी जा सकती है। वहीं, इंडो-वेस्टर्न यूनिफॉर्म के साथ बिंदी की अनुमति नहीं थी।

एयर इंडिया की सफाई
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि कर्मचारियों को बिंदी पहनने की पूरी स्वतंत्रता है और जो दस्तावेज़ वायरल हो रहा है, वह “पुराना मैनुअल” है जो अब लागू नहीं है।
उन्होंने कहा, “एयर इंडिया स्पष्ट करना चाहता है कि उसके कर्मचारी बिंदी पहन सकते हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही तस्वीरें पुराने मैनुअल की हैं, जो अब उपयोग में नहीं है।”

लेंसकार्ट जैसा विवाद
इससे पहले Lenskart भी इसी तरह के विवाद में घिर चुका है, जब उसकी स्टाइल गाइड में स्टोर कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान हिजाब पहनने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बिंदी या कलावा पर रोक की बात सामने आई थी।

विवाद बढ़ने के बाद लेंसकार्ट ने भी यही कहा था कि वायरल हो रहा दस्तावेज़ पुराना है और कंपनी की वर्तमान नीति को नहीं दर्शाता।

कंपनी के संस्थापक और CEO Peyush Bansal ने सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए कहा था कि कंपनी किसी भी धार्मिक अभिव्यक्ति—जैसे बिंदी या तिलक—पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाती।

उन्होंने स्पष्ट किया था, “यह दस्तावेज़ एक पुराना इंटरनल ट्रेनिंग डॉक्यूमेंट है, यह HR पॉलिसी नहीं है। इसमें बिंदी/तिलक को लेकर जो लाइन लिखी गई थी, वह गलत थी और हमारे मूल्यों को नहीं दर्शाती।”

लेंसकार्ट ने 18 अप्रैल को नया और मानकीकृत स्टाइल गाइड जारी किया, जिसमें स्पष्ट रूप से “धार्मिक, सांस्कृतिक या पारिवारिक प्रतीकों (जैसे बिंदी, तिलक, सिंदूर आदि)” को अनुमति दी गई है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।