अमेरिकी छूट खत्म होने के बाद भी रूस से तेल और LPG आयात जारी रखेगा भारत: रिपोर्ट

भारत, अमेरिका द्वारा दी गई 30 दिन की छूट समाप्त होने के बाद भी Russia से कच्चा तेल और रसोई गैस (LPG) का आयात जारी रख सकता है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से सामने..

अमेरिकी छूट खत्म होने के बाद भी रूस से तेल और LPG आयात जारी रखेगा भारत: रिपोर्ट
18-04-2026 - 12:08 PM

नयी दिल्ली। भारत, अमेरिका द्वारा दी गई 30 दिन की छूट समाप्त होने के बाद भी Russia से कच्चा तेल और रसोई गैस (LPG) का आयात जारी रख सकता है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से सामने आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने मार्च की शुरुआत में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति बाधित होने की आशंका को देखते हुए रूस से पहले से ट्रांजिट में मौजूद तेल और पेट्रोलियम उत्पादों पर अस्थायी राहत दी थी। हालांकि, Scott Bessent ने स्पष्ट कर दिया है कि इस छूट को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

सूत्रों का कहना है कि प्रतिबंधों को लेकर अमेरिका का फैसला उसका अपना अधिकार है और इससे भारत की आयात नीति तय नहीं होगी। भारत गैर-प्रतिबंधित संस्थाओं के जरिए रूस से कच्चे तेल और LPG की खरीद जारी रख सकता है।

बताया गया है कि भारतीय रिफाइनर पहले ही भविष्य की आपूर्ति के लिए बातचीत कर रहे हैं और हाल ही में रूस, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से कुल 8 लाख टन LPG की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। हालांकि, अब तक रूस से तय की गई LPG की मात्रा बहुत अधिक नहीं है और इसकी खेप भारत पहुंचना बाकी है।

एक अन्य सूत्र के अनुसार, मौजूदा स्थिति में United States भारत के लिए LPG का प्रमुख आपूर्तिकर्ता बना रह सकता है। इसके अलावा Canada और Angola से भी आपूर्ति बढ़ाने पर चर्चा चल रही है।

रूसी तेल की हिस्सेदारी बढ़ी, पश्चिम एशिया का घटा दबदबा

रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने से पहले भारत के कुल कच्चे तेल आयात में पश्चिम एशिया की हिस्सेदारी करीब 60% थी, जो अब घटकर लगभग 30% रह गई है। वहीं मार्च में रूस से तेल आयात दोगुना हो गया।

फिनलैंड स्थित थिंक टैंक Centre for Research on Energy and Clean Air के आंकड़ों के अनुसार, भारत मार्च में चीन के बाद रूस से जीवाश्म ईंधन खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश रहा, जिसने 5.8 अरब यूरो के हाइड्रोकार्बन आयात किए।

CREA के अनुसार, सरकारी तेल रिफाइनरियों द्वारा रूस से आयात में 148% की भारी वृद्धि दर्ज की गई, जिसका कारण स्पॉट मार्केट में रूसी तेल की अधिक उपलब्धता माना जा रहा है।

ऊर्जा सुरक्षा के लिए विविध स्रोतों पर जोर

भारत सरकार लगातार यह कहती रही है कि वह व्यावसायिक लाभ और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्रोतों से आयात करती है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने कहा कि भारत ने अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाई है।

वहीं पेट्रोलियम सचिव Neeraj Mittal के अनुसार, भारत अब 27 की जगह 41 देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है। LNG आयात 6 से बढ़कर 30 देशों से हो रहा है, जबकि LPG अब 10 की बजाय 16 देशों से मंगाई जा रही है।

तेल रिफाइनिंग क्षेत्र के एक अधिकारी ने बताया कि मौजूदा हालात में भारत हर संभव स्रोत से LPG हासिल करने की कोशिश कर रहा है।

यह मुद्दा इसलिए भी अहम है क्योंकि देश के करीब 34 करोड़ परिवार खाना पकाने के लिए LPG पर निर्भर हैं। पश्चिम एशिया से आने वाली आपूर्ति पर Strait of Hormuz में शिपिंग प्रतिबंधों के कारण असर पड़ा है, जिससे भारत को वैकल्पिक स्रोतों की तलाश तेज करनी पड़ी है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।