गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा.. वकील बोले, ‘फ्लाइट रिस्क नहीं’
Gauhati High Court ने 21 अप्रैल को कांग्रेस नेता Pawan Khera की अग्रिम जमानत (anticipatory bail) याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला असम के मुख्यमंत्री की पत्नी द्वारा कथित मानहानिकारक टिप्पणी के आरोपों से जुड़ा..
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा.. वकील बोले, ‘फ्लाइट रिस्क नहीं’
गुवाहाटी। Gauhati High Court ने 21 अप्रैल को कांग्रेस नेता Pawan Khera की अग्रिम जमानत (anticipatory bail) याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला असम के मुख्यमंत्री की पत्नी द्वारा कथित मानहानिकारक टिप्पणी के आरोपों से जुड़ा है।
न्यायमूर्ति Parthiv Jyoti Saikia की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें करीब तीन घंटे तक सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रखा।
खेड़ा की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता Abhishek Manu Singhvi ने दलील दी कि उनके मुवक्किल “फ्लाइट रिस्क नहीं हैं” और उनसे हिरासत में पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध (political vendetta) से प्रेरित है और इसके संदर्भ में उन्होंने मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के बयानों का हवाला दिया।
वहीं, याचिका का विरोध करते हुए असम के एडवोकेट जनरल Devajit Lon Saikia ने कहा कि यह मामला गंभीर अपराधों से जुड़ा है, जिसमें धोखाधड़ी (cheating) और जालसाजी (forgery) शामिल हैं, और यह केवल मानहानि तक सीमित नहीं है। उन्होंने खेड़ा को संभावित “फ्लाइट रिस्क” बताते हुए उन्हें अंतरिम राहत न देने की मांग की।
यह मामला Riniki Bhuyan Sarma द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि खेड़ा ने उनके खिलाफ यह दावा किया कि उनके पास कई पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं।
खेड़ा ने विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले के बाद हाईकोर्ट का रुख किया था, जिसमें Bharatiya Nyaya Sanhita की धोखाधड़ी, जालसाजी और मानहानि से संबंधित धाराएं शामिल हैं।
इससे पहले, Telangana High Court ने उन्हें सात दिन की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, जिसे बाद में Supreme Court of India ने स्थगित कर दिया था।
What's Your Reaction?