दिल्ली हाईकोर्ट में PIL, केजरीवाल व अन्य पर कोर्ट कार्यवाही के वीडियो साझा करने को लेकर अवमानना कार्रवाई की मांग
दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख Arvind Kejriwal, पार्टी के कई नेताओं और पत्रकार Ravish Kumar के खिलाफ अदालत की कार्यवाही के वीडियो कथित रूप से रिकॉर्ड करने और बिना अनुमति साझा करने के मामले में अवमानना कार्रवाई की मांग
नयी दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख Arvind Kejriwal, पार्टी के कई नेताओं और पत्रकार Ravish Kumar के खिलाफ अदालत की कार्यवाही के वीडियो कथित रूप से रिकॉर्ड करने और बिना अनुमति साझा करने के मामले में अवमानना कार्रवाई की मांग की गई है।
यह याचिका अधिवक्ता वैभव सिंह द्वारा दायर की गई है, जिसमें 13 अप्रैल को न्यायमूर्ति Swarana Kanta Sharma के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान की वीडियो फुटेज के प्रसार पर आपत्ति जताई गई है।
याचिका के अनुसार, केजरीवाल और अन्य ने अदालत में अपनी व्यक्तिगत उपस्थिति के दौरान, जब वे न्यायाधीश से स्वयं को मामले से अलग (recusal) करने की मांग कर रहे थे, तब कार्यवाही को रिकॉर्ड किया और बाद में इन क्लिप्स को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किया।
याचिकाकर्ता ने अदालत से आग्रह किया है कि इसे दिल्ली हाईकोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों का जानबूझकर उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की जाए। साथ ही, पहले से प्रसारित सामग्री को हटाने के निर्देश भी दिए जाएं।
याचिका में यह भी मांग की गई है कि संबंधित व्यक्तियों को भविष्य में इस तरह की सामग्री पोस्ट या साझा करने से रोका जाए। इसके अतिरिक्त, इस मामले में कथित “साजिश” की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की भी मांग की गई है।
याचिका में दावा किया गया है कि इन वीडियो के प्रसार का उद्देश्य जनता को गुमराह करना और न्यायपालिका को इस रूप में प्रस्तुत करना था कि वह केंद्र सरकार के राजनीतिक प्रभाव या दबाव में काम कर रही है।
याचिकाकर्ता ने सोशल मीडिया कंपनियों को भी निर्देश देने की मांग की है ताकि इस तरह की रिकॉर्डिंग को दोबारा अपलोड या प्रसारित होने से रोका जा सके। याचिका में कहा गया है कि 15 अप्रैल को रजिस्ट्रार जनरल को शिकायत देने के बावजूद “सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स द्वारा कोई उचित प्रतिक्रिया नहीं दी गई है और न ही अदालत की कार्यवाही की अनधिकृत रिकॉर्डिंग हटाई गई है।”
याचिका में जिन लोगों को पक्षकार बनाया गया है, उनमें AAP नेता Manish Sisodia, Sanjay Singh, संजीव झा, पुनर्दीप साहनी, जरनैल सिंह, मुकेश अहलावत और विनय मिश्रा के अलावा कांग्रेस नेता Digvijaya Singh शामिल हैं।
इसके साथ ही Delhi High Court, Meta Platforms, Google LLC और X Corp को भी मामले में पक्षकार बनाया गया है।
यह विवाद हाल ही में न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा के उस फैसले के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने केजरीवाल और सह-आरोपियों की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उनसे आबकारी नीति (excise policy) मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने की मांग की गई थी।
अपने आदेश में न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा था कि “केवल इस आधार पर कि उनके बच्चे केंद्र सरकार के पैनल वकील हैं, यह नहीं माना जा सकता कि वे केजरीवाल के खिलाफ पक्षपाती हैं।” उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि “कोई राजनेता न्यायिक क्षमता का मूल्यांकन नहीं कर सकता।”
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