दोहरी नागरिकता विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश पर लगाई रोक
Allahabad High Court की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के खिलाफ दोहरी नागरिकता के आरोपों से जुड़े मामले में FIR दर्ज करने के अपने पूर्व आदेश पर शनिवार को रोक लगा..
नयी दिल्ली/लखनऊ। Allahabad High Court की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के खिलाफ दोहरी नागरिकता के आरोपों से जुड़े मामले में FIR दर्ज करने के अपने पूर्व आदेश पर शनिवार को रोक लगा दी।
अदालत ने कहा कि याचिका पर अंतिम निर्णय लेने से पहले राहुल गांधी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना आवश्यक है। इस आदेश के साथ ही शुक्रवार को दिए गए मौखिक निर्देश, जिसमें पुलिस को FIR दर्ज करने को कहा गया था, फिलहाल प्रभावहीन हो गए हैं। अब अगली सुनवाई तक कोई FIR दर्ज नहीं की जाएगी।
यह मामला विग्नेश शिशिर नामक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिकता रखते हैं, जो भारतीय कानून का उल्लंघन है। यह याचिका तब दाखिल की गई जब जनवरी 2026 में लखनऊ की विशेष MP-MLA अदालत ने इस शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था।
याचिका में दावा किया गया है कि इस मामले में Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, पासपोर्ट अधिनियम और विदेशी अधिनियम सहित अन्य कानूनों के तहत अपराध हो सकते हैं। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने दुश्मन देशों को जानकारी दी और फर्जी पासपोर्ट प्राप्त किया।
सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विनय कुमार शाही ने बताया कि हाईकोर्ट ने प्रारंभिक तौर पर FIR दर्ज करने का निर्देश देते हुए कहा था कि आरोपों से “प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध” बनता है, जिसकी जांच आवश्यक है। हालांकि, Justice Subhash Vidyarthi ने शनिवार को कोई अंतिम हस्ताक्षरित आदेश जारी नहीं किया और पूर्व निर्देश पर रोक लगा दी।
याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने पहले दिए गए आदेश को महत्वपूर्ण बताते हुए अपने आरोपों को दोहराया। उन्होंने दावा किया कि अदालत ने प्रथम दृष्टया पाया है कि राहुल गांधी के पास ब्रिटिश नागरिकता हो सकती है, जो संविधान, नागरिकता अधिनियम और विदेशी अधिनियम के तहत अवैध है।
उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी कई बार Raebareli, Wayanad और Amethi से चुनाव लड़ चुके हैं, जो उनके अनुसार आपराधिक अपराध हो सकता है।
फिलहाल, हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई अगली सुनवाई तक स्थगित रहेगी।
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