काबुल में चीनी होटल पर हमलाः तीनों हमलावर मारे गए, दो विदेशी नागरिक घायल
<p><em><strong>मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि हमले के वक्त होटल में कई चीनी नागरिक मौजूद थे। कुछ फुटेज भी सामने आए। इनमें होटल के एक हिस्से में आग नजर आ रही थी।</strong></em></p>
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार को दोपहर करीब 3 बजे चीनी होटल के नाम से मशहूर एक रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस पर हमला हुआ। देर शाम तालिबान ने कहा, कुल तीन हमलावरों ने होटल को निशाना बनाया था। तीनों को मार गिराया गया है। घटना में दो विदेशी नागरिक घायल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि हमले के वक्त होटल में कई चीनी नागरिक मौजूद थे। कुछ फुटेज भी सामने आए। इनमें होटल के एक हिस्से में आग नजर आ रही थी।
यह हमला ऐसे वक्त हुआ जब शुक्रवार को ही चीन के एम्बेसेडर ने काबुल में अपनी एम्बेसी की सिक्योरिटी को लेकर तालिबान के अफसरों से बातचीत की थी। दो हफ्ते पहले इसी इलाके में मौजूद पाकिस्तान की एम्बेसी पर फायरिंग की गई थी। इसमें एक पाकिस्तानी डिप्लोमैट घायल हो गया था।
बिल्डिंग का नाम चीनी होटल क्यों
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस होटल से चंद मीटर की दूरी पर एक गेस्ट हाउस है। यहां ज्यादातर चीनी नागरिक और डिप्लोमैट्स आते हैं। लिहाजा, इस होटल का नाम ही चीनी होटल पड़ गया। इस बिल्डिंग में स्नूकर हॉल और स्विमिंग पूल जैसी फैसिलिटी मौजूद हैं।
चश्मदीद की जुबानी, ब्लास्ट की कहानी
एक चश्मदीद ने बताया , होटल के अंदर बहुत बड़ा ब्लास्ट हुआ था। इसके बाद आग लग गई। चीन और अफगानिस्तान के बीच 76 किलोमीटर लंबा बॉर्डर है। तालिबान के हुकूमत में आने के बाद यहां चीनियों की आवाजाही बढ़ गई है। चीन यहां जड़ें जमाने की कोशिश कर रहा है। चीन की सरकार को डर है कि अफगान तालिबान और खोरासान ग्रुप चीन के उइगर मुस्लिमों की मदद कर सकते हैं। लिहाजा, जिनपिंग सरकार तालिबान हुकूमत को खुश रखने की तमाम कोशिशें कर रही है। कुछ दिन पहले पाकिस्तान की एम्बेसी पर हुए हमले की जिम्मेदारी अफगानिस्तान के खोरासान ग्रुप ने ली थी। सोमवार को चीनी होटल पर हुए हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी ग्रुप ने नहीं ली। माना जा रहा है कि चीन चुपचाप अफगानिस्तान की तांबा खदानों पर कब्जा करना चाहता है और इसकी वजह से कुछ लोकल ग्रुप्स भी उससे नाराज हैं।
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