अम्मा की पार्टी ने भाजपा से नाता तोड़ा: अकेले लड़ेगी लोकसभा और विधानसभा चुनाव

<p><em><strong>अन्नाद्रमुक ने भाजपा और एनडीए से आधिकारिक तौर पर नाता तोड़ लिया है। पार्टी अगला लोकसभा और विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। पार्टी नेताओं ने सोमवार को मीटिंग में इस संबंध में प्रस्ताव भी पारित किया है।</strong></em></p>

अम्मा की पार्टी ने भाजपा से नाता तोड़ा: अकेले लड़ेगी लोकसभा और विधानसभा चुनाव
26-09-2023 - 09:51 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

पार्टी के डिप्टी कोओर्डिनेटर केपी मुनुसामी ने बताया कि अन्नाद्रमुक आज से भाजपा और एनडीए से सभी संबंध तोड़ रही है। भाजपा के लोग पिछले एक साल से पार्टी नेताओं, खासकर महासचिव ई. पलानीसामी के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। एआईएडीएमके प्रवक्ता शशिरेखा ने कहा- सदस्यों की राय के आधार पर हम यह प्रस्ताव लाए। यह अन्नाद्रमुक के लिए खुशी का क्षण है। हम आगामी लोकसभा या विधानसभा चुनाव अकेले अपने दम पर लड़ेंगे।
भाजपा प्रमुख कर रहे खिलाफ बयानबाजी
18 सितंबर को एआईएडीएमके नेता डी. जयकुमार ने कहा था- तमिलनाडु के भाजपा प्रमुख के अन्नामलाई हमारी पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्रियों सीएन अन्नादुरई और जयललिता पर बयानबाजी करते हैं। हमारे कार्यकर्ता इस बात को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। अन्नाद्रमुक का आरोप है कि भाजपा ने उनके दो दिग्गज नेताओं और पूर्व सीएम सीएन अन्नादुरई और जयललिता के खिलाफ टिप्पणी की।
भाजपा-अन्नाद्रमुक में कड़वाहट की 4 वजहें
1. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का जयललिता पर बयान
एआईएडीएमके और भाजपा के बीच इस साल जून में ही कड़वाहट शुरू हो गई थी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा था कि तमिलनाडु सबसे भ्रष्ट राज्यों में से एक है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री तक को दोषी ठहराया गया। उनका इशारा तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता पर था। उन्हें आय से ज्यादा संपत्ति मामले में दोषी ठहराया गया था। हालांकि इस मामले में जयललिता आरोपी थीं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले उनका निधन हो गया था। इस मामले में उनकी सहयोगी शशिकला समेत अन्य लोग दोषी ठहराए गए।
2. पलानीसामी ने कहा था- शाह से मिलने की जरूरत नहीं
2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से अन्नाद्रमुक भाजपा के साथ गठबंधन में राज्य में तीन चुनाव हार चुकी है। सूत्रों का दावा है कि पार्टी अब भाजपा को बोझ मानने लगी है। पिछले साल नवंबर में पलानीसामी ने कहा था कि उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने की जरूरत नहीं है। शाह निजी दौरे पर तमिलनाडु पहुंचे थे।
3. दोनों पार्टियों के नेताओं का एक-दूसरे दल में शामिल होना
मार्च में भाजपा के पांच नेता अन्नाद्रमुक में शामिल हो गए थे। इनमें पार्टी के प्रदेश आईटी विंग के प्रमुख सीआरटी निर्मल कुमार भी शामिल हैं। निर्मल कुमार ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के. अन्नामलाई पर आरोप लगाया है कि उनकी डीएमके की एक मंत्री के साथ साठगांठ है। निर्मल के अलावा 13 और नेता भी अन्नाद्रमुक में चले गए। इससे पहले अन्नाद्रमुक के बड़े नेता और पूर्व मंत्री नैनार नागेंद्रन पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे और अभी विधानसभा में पार्टी के नेता हैं। इस पर अन्नाद्रमुक ने कहा- जब हमारे कैडर बीजेपी में जाते हैं तो वह छाती ठोकती है और जब उनके पार्टी कैडर हमारे साथ आते हैं तो वे चिल्लाने लगते हैं।
4. बीजेपी खुद को प्रमुख विपक्ष के रूप में प्रोजेक्ट कर रही है
तमिलनाडु विधानसभा में भाजपा के सिर्फ 4 एमएलए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब एआईएडीएमके में ई पलानीसामी और ओ पन्नीरसेल्वम के बीच विवाद गहरा गया था तो भाजपा ने खुद को प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल के रूप में प्रोजेक्ट करना शुरू कर दिया था। इसी के बाद से दोनों सहयोगी दलों में मतभेद शुरू हो गए। बिहार, महाराष्ट्र, पंजाब के बाद तमिलनाडु चैथा राज्य है, जहां भाजपा के सहयोगी पार्टी से अलग हुए हैं। इससे पहले बिहार से नीतीश कुमार की पार्टी, महाराष्ट्र से शिवसेना उद्धव गुट, पंजाब से शिरोमणि अकाली दल एनडीए से अलग हो चुके हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।