Heart Attack: सावधान ! कोरोना हो चुका है ? तो न करें ज्यादा मेहनत वाला काम , पड़ सकती है जान जोखिम में
<p><em>Heart Attack: कोरोना काल के बाद लोगों की अचानक मौत के अनेकों मामले सामने आये हैं।चाहे वो कोई कम उम्र सेलिब्रिटी हो, राजनेता हो ,डॉक्टर हो फिर आम आदमी, कोरोना ने किसी को भी नहीं बक्शा था। ठीक उसी तरह कोरोना जाने के बाद अब उसके साइड इफेक्ट्स सामने आ रहे हैं वो भी दबे पाँव।। ऐसे कि किसी को पता ही नहीं चलेगा और वो शख्स काल का ग्रास भी बन जायेगा। इस बाबत कभी किसी कि तरफ से कोई सूचना नहीं दी गयी थी कि आखिर इस प्रकार कि मौतों का कारन क्या है। अब पहली बार अधिकारिक रूप से ये बताया गया है कि जों लोगों को कोरोना का गंभीर संक्रमण हो चुका है उन्हें ज्यादा मेहनत वाला काम या व्यायाम करने से बचना चाहिए </em></p>
हाल में बीती नवरात्रि के दौरान गुजरात में गरबा करते वक्त कई लोगों की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु के मामले सामने आये। इस मामले पर लोगों में काफी चिंता है। अब पहली बार अधिकारिक रूप से ये बताया गया है कि जों लोगों को कोरोना का गंभीर संक्रमण हो चुका है उन्हें ज्यादा मेहनत वाला काम या व्यायाम नहीं करना चाहिए।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया का बयान
अब इस मामले पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि आईसीएमआर की ओर से किए गए एक अध्ययन के मुताबिक, जिन लोगों को गंभीर कोरोना संक्रमण हो चुका है उन्हें कठिन परिश्रम, दौड़ने या ज्यादा एक्सरसाइज से बचना चाहिए।
सरकार की तरफ से बेहद महत्वपूर्ण बयान
केंद्रीय मंत्री का यह बयान बेहद महत्वपूर्ण है। क्योंकि यह पहली बार है जब कहीं से अधिकारिक तौर पर यह बात कही गयी है।इसके पहले स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि - आईसीएमआर ने हाल ही में एक अध्ययन किया है। जिसमें कहा गया है कि जिन लोगों को गंभीर रूप से कोरोना संक्रमण हुआ था और उन्हें ठीक हुए पर्याप्त समय नहीं बीता है उन लोगों को दिल का दौरा पड़ने से बचने के लिए कम से कम एक या दो साल तक ज्यादा एक्सरसाइज, रनिंग या कठिन परिश्रम करने से बचना चाहिए।
क्या हुआ था गुजरात में
दरअसल, कुछ दिनों पहले गुजरात में नवरात्रि के समय गरबा करते वक्त कम से कम छह लोगों की दिल का दौरा पड़ने से जान चली गई थी। इसी अवधि के दौरान राज्य में 22 अन्य लोगों की भी मौत हो गई थी। इन घटनाओं के बाद, गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर के शीर्ष हृदय विशेषज्ञों और डॉक्टरों के साथ बैठक की और उन्हें इन मौतों के सटीक कारण का पता लगाने के लिए प्रासंगिक डेटा एकत्र करने और अनुसंधान करने का निर्देश दिया था।
गौरतलब है कि बीते कुछ सालों में लोगों के जीवन में कई सारे बदलाव देखने को मिले। खानपान से लेकर फैशन तक हर क्षेत्र में बदलाव दिखाई दिए। इस साल एक और चीज ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा । दरअसल, इस वर्ष दिल का दौरा और कार्डियक अरेस्ट के कई सारे मामले देखने को मिले।आम आदमी से लेकर बड़ी हस्तियों तक कई लोग अचानक ही दिल का दौरा या कार्डियक अरेस्ट के चलते दुनिया को अलविदा कह गए। मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव हो या टेलीविजन के मशहूर अभिनेता सिद्धांतवीर सूर्यवंशी जिम में वर्कआउट करते हुए अचानक ही इन कलाकारों को दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। यही नहीं इससे पहले इस साल मशहूर गायक केके, एक्टर दीपेश भान, टिकटॉक स्टार और नेता सोनाली फोगाट समेत कई कलाकार इसी वजह से अपनी जान गवां चुके हैं।
कुछ लोगों ने तो मिनटों में ही अपनी जान गँवा दी।इतना ही नहीं बीते कई दिनों से सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनमें डांस करते हुए या मंदिर में शीश झुकाने के बाद लोगों को अचानक दिल का दौरा या कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उनका निधन हो गया। बीते कुछ समय से लगातार कम उम्र में दिल का दौरा या कार्डियक अरेस्ट की खबरें सामने आ रही हैं। लगातार सामने आ रहे इन मामलों को देख अब लोग अपनी सेहत को लेकर काफी सजग हो गए हैं।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया कुछ महीने पहले एक इंटरव्यू में बताया कि ICMR दिल का दौरे पड़ने से होने वाली मौत और कोविड के बीच संबंध का आकलन करने के लिए स्टडी कर रहा है.... इस दौरान उन्होंने माना कि कोरोना के बाद दिल के दौरे की वजह से होने वाली मौतों की संख्या में वृद्धि हुई है।
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