चीन ने रेलगन से लैस न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर को किया लॉन्च, हिंद महासागर में भारत को सीधा खतरा
<p><em><strong>चीन ने रेलगन से लैस एक न्यूक्लियर पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर को लॉन्च किया है। यह रेलगन 700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 124 किलोग्राम वजनी गोले को फायर कर सकता है। अभी तक इतना शक्तिशाली रेलगन कोई भी देश ऑपरेट नहीं करता है। इस रेलगन के आने से चीनी सेना की ताकत बढ़ेगी।</strong></em></p>
चीन ने रेलगन से लैस एक परमाणु शक्ति संचालित विमान वाहक पोत का अनावरण किया है। इस युद्धपोत को दक्षिण चीन सागर में तैनात किया जाएगा। रेलगन से लैस एयरक्राफ्ट कैरियर की अवधारणा सोवियत संघ के जमाने से चली आ रही है, जिसे अब चीन ने पुनर्जीवित किया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह यह वर्तमान में मौजूद युद्धपोतों की तुलना में अधिक शक्तिशाली हथियार हो सकता है। इस रेलगन से हिंद महासागर में भारत को सीधा खतरा हो सकता है। परमाणु शक्ति संपन्न एयरक्राफ्ट कैरियर पर लगे होने के कारण चीन इसे पूरी दुनिया में जहां चाहेगा, वहां तैनात कर सकता है। इसी महीने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने बताया था कि चीन के एक शीर्ष नौसैनिक वैज्ञानिक मा वेइमिंग ने एक भविष्य के युद्धपोत का प्रस्ताव दिया है जो नौसैनिक बेड़े को स्टार वार्स-स्टाइल के सुपर-शिप में बदल सकता है। मा ने पीर रिव्यूड जर्नल ट्रांजैक्शन्स चाइना इलेक्ट्रोटेक्निकल सोसाइटी में अपने डिजाइन का प्रस्ताव रखा था।
बेहद खतरनाक है चीन का यह कैरियर
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, चीन का यह सुपरशिप कई विमानों को लेकर जा सकता है। लेकिन, यह किसी पारंपरिक एयरक्राफ्ट कैरियर से अलग है, क्योंकि यह रेलगन, कॉइलगन, रॉकेट लॉन्चर, लेजर वेपन और हाई पावर पाले माइक्रोवेव जैसे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स जैसे हथियारों से लैस है। अखबार ने सोर्स के हवाले से लिखा कि चीन के इस जहाज की उन्नत तकनीक प्रभावी ढंग से जहाज के ऊर्जा स्रोत से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हथियारों को चलाने वाली शक्ति के लिए आवश्यक विद्युत चुंबकीय ऊर्जा में बदल देता है। इससे यह युद्धपोत हवाई हमलों के खिलाफ सटीक बचाव कर सकता है और एंटी सबमरीन वारफेयर में काम आ सकता है। इसके अलावा इसमें मिसाइलों को रोकने की क्षमता और समुद्र या जमीन पर लक्ष्यों के खिलाफ सटीक हमले की ताकत भी है।
कॉइलगन क्यों खतरनाक
कॉइलगन को गॉस गन के नाम से भी जाना जाता है। इसका बैरल कई इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कॉइल से लैस होता, जिन्हें गोले या प्रोजेक्टाइल को चलाने में सक्षम चुंबकीय क्षेत्र बनाने के लिए एक के बाद एक सक्रिय किया जाता है। चीनी नौसेना के वैज्ञानिकों ने कॉइल गन की सटीक विशेषताओं का खुलासा नहीं किया है और न ही यह बताया है कि इसे कब परिचालन में लाया जाएगा। उन्होंने बस इतना कहा है कि ऐसी गन से जागा गया प्रोजेक्टाइल या गोला कई किलोमीटर की दूरी पर लक्ष्य को मार सकता है। परियोजना में शामिल लोगों के अनुसार, कॉइलगन ने पहले फायरिंग टेस्ट में 0.05 सेकेंड से भी कम समय में 124 किलोग्राम वजनी गोले को 700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फायर किया था।
सोवियत डिजाइन कॉपी कर रहा चीन
चीन का सुपर शिप कैरियर सोवियत काल की एविएशन क्रूजर अवधारणा का एक आधुनिक रूप है। एविएशन क्रूजर एक विमान वाहक पोत और क्रूजर की विशेषताओं से लैस जहाज होता है। अपनी आक्रामक शक्ति के लिए विशेष रूप से अपने ऑन बोर्ड लड़ाकू विमानों पर निर्भर पारंपरिक विमान वाहक पोत के विपरीत एविएशन क्रूजर उन्नत हथियारों के साथ सतह, हवा और पानी के नीचे खतरों का सामना कर सकता है। ऐसे जहाजों में कीव क्लास और एडमिरल कुजनेत्सोव क्लास के कैरियर शामिल हैं। अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियरों को मुख्य रूप से फ्लोटिंग एयरबेस के रूप में डिजाइन किया गया है, वहीं एविएशन क्रूजर को मजबूत सुरक्षा वाले दुश्मन के गढ़ों के भीतर परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों (एसएसबीएन), सतह के जहाजों और मिसाइल ले जाने वाले बमवर्षकों का समर्थन और बचाव करते हैं।
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