कांग्रेस के ट्विटर हैंडल पर लगी रोक हटाई कर्नाटक उच्च न्यायालय ने
<p><em><strong>कर्नाटक हाई कोर्ट ने सिविल कोर्ट के कांग्रेस के ट्विटर हैंडल को बैन करने के आदेश को खारिज कर दिया है । सिविल कोर्ट के आदेश के खिलाफ कांग्रेस कर्नाटक हाई कोर्ट पहुंची थी, जहां हाई कोर्ट ने सिविल कोर्ट का आदेश खारिज कर दिया है। अब कॉपीराइट के मामले पर कर्नाटक हाई कोर्ट मंगलवार को अपना फैसला सुनाएगा।</strong></em></p>
इसके पहले 7 नवंबर, सोमवार को बेंगलुरू की एक अदालत ने कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के ट्विटर हैंडल को ब्लॉक करने का आदेश दे दिया था। जिसके बाद कांग्रेस सिविल कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने कर्नाटक हाई कोर्ट में सिविल कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की जिसके बाद कर्नाटक हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए सिविल कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया।
ये था मामला
मटीआर म्यूजिक कंपनी ने कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल और भारत जोड़ो यात्रा के हैंडल पर केजीएफ-2 के गानों के साथ एक वीडियो शेयर करने का आरोप लगाते हुए इस ट्विटर हैंडल को बैन करने की मांग की थी। दरअसल एमटीआर म्यूजिक कंपनी ने अपनी शिकायत में कहा था कि इस वीडियो में उनकी म्यूजिक की कॉपीराइट का कथित रुप से उल्लंघन हुआ है। जिसके बाद सिविल कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए इस मामले में कांग्रेस और भारत जोड़ो यात्रा के ट्विटर हैंडल को बैन करने का आदेश दे दिया था।कोर्ट ने कहा, कॉपीराइट को बढ़ाया नहीं दिया जा सकता
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, अगर कॉपीराइट का उल्लंघन हुआ है तो, सिनेमैटोग्राफी फिल्म्स, गीत, संगीत अलबम का कारोबार कर रहे वादी…को अपूर्णीय क्षति होगी और यह व्यापक रूप से ‘पाइरेसी’ को बढ़ावा देगी. अदालत ने ट्विटर, इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर साक्ष्य के ऑडिट के लिए और उन्हें संरक्षित करने के लिए एक आयुक्त भी नियुक्त किया।
मामले पर कांग्रेस ने जताई थी अनभिज्ञता
वहीं इस मामले को लेकर कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी गई थी कि हमें मीडिया से इस बात की जानकारी मिली है कि बेंगलुरु की एक कोर्ट ने कांग्रेस और भारत जोड़ो यात्रा के सोशल मीडिया हैंडल को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। हमें इस कार्रवाई के बारे में सूचित नहीं किया गया था और न हम कोर्ट में उपस्थित थे, न ही हमें किसी ऐसे आदेश की कॉपी मिली है। हम कानूनी सलाहकारों से इस मामले में सलाह ले रहे हैं।
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