निलंबित तृणमूल कांग्रेस विधायक ने बनाई अपनी पार्टी, विधानसभा चुनाव में 135 सीटों पर लड़ने का ऐलान

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले अहम विधानसभा चुनावों से पहले अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने का फैसला किया है। पार्टी नेतृत्व से लगातार टकराव के बाद हाल ही में उन्हें TMC से निलंबित किया गया था..

निलंबित तृणमूल कांग्रेस विधायक ने बनाई अपनी पार्टी, विधानसभा चुनाव में 135 सीटों पर लड़ने का ऐलान
19-12-2025 - 05:55 AM

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले अहम विधानसभा चुनावों से पहले अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने का फैसला किया है। पार्टी नेतृत्व से लगातार टकराव के बाद हाल ही में उन्हें TMC से निलंबित किया गया था।
बुधवार को हुमायूं कबीर ने कहा, “मैं 22 दिसंबर को एक नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करूंगा। उसी दिन 75 सदस्यों वाली राज्य समिति की घोषणा करूंगा, जिसमें मुर्शिदाबाद जिले का अध्यक्ष भी शामिल होगा। इसके बाद मैं तय करूंगा कि किस पार्टी के साथ गठबंधन किया जाएगा।”

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन) की पश्चिम बंगाल इकाई जहां हुमायूं कबीर के साथ गठबंधन को लेकर आशावादी है, वहीं निलंबित TMC विधायक ने स्पष्ट किया, “AIMIM के साथ गठबंधन को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।”
कबीर ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में कुल 249 में से 135 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

हुमायूं कबीर राष्ट्रीय स्तर पर तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले में 16वीं सदी की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक ‘बाबरी’ मस्जिद बनाने का प्रस्ताव रखा था। अयोध्या में स्थित बाबरी मस्जिद को वर्ष 1992 में ढहा दिया गया था।

TMC से निलंबन के बाद अब हुमायूं कबीर की नजर पार्टी के मुस्लिम वोट बैंक पर टिकी हुई है।

विधायक पद से इस्तीफे के फैसले से पीछे हटे कबीर

इस बीच, अपने समर्थकों की मांग पर हुमायूं कबीर ने देबरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक पद से इस्तीफा देने के फैसले से कदम पीछे खींच लिए हैं। उन्होंने कहा, जिन लोगों ने मुझे विधायक बनाया है, उन्होंने मुझसे अनुरोध किया है कि चुनाव से ठीक पहले इस समय मैं इस्तीफा न दूं।”

उन्होंने आगे कहा, लोगों को अपने सांसद यूसुफ पठान तक पहुंच नहीं मिल पा रही है, जो गुजरात में रहते हैं और शायद ही बंगाल आते हों। इसी वजह से मैंने जनता की मांग मानने का फैसला किया है।”

क्या कांग्रेस से गठबंधन करेगी कबीर की पार्टी?

इन राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच, इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के एकमात्र विधायक नौशाद सिद्दीकी ने एक अहम टिप्पणी की। 32 वर्षीय सिद्दीकी ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी का नेतृत्व कांग्रेस और वाम दलों से बातचीत कर रहा है और गठबंधन की संभावनाओं पर विचार हो रहा है।

उन्होंने कहा, हुमायूं कबीर पिछले कुछ दिनों से गठबंधन की बात कर रहे हैं, वही बात मैं पिछले छह महीनों से कहता आ रहा हूं। अगले विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हराने के लिए वाम-कांग्रेस-इंडियन सेक्युलर फ्रंट को एक साथ आना चाहिए।”

सिद्दीकी ने आगे कहा, हुमायूं साहब 22 तारीख को अपनी पार्टी लॉन्च कर रहे हैं। मैं देखूंगा कि उनकी पार्टी का एजेंडा क्या होगा। अगर वह एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी होगी, तो हम अपने अन्य सहयोगियों के साथ बैठकर उन्हें अपने साथ शामिल करने पर चर्चा करेंगे।”

कुछ महीने पहले ISF विधायक ने माकपा के वरिष्ठ नेता और वाम मोर्चा अध्यक्ष बिमान बोस को पत्र लिखकर वाम दलों के साथ गठबंधन और चुनाव के लिए ‘सीटों के बंटवारे पर जल्द बातचीत’ की मांग की थी।

गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में वाम दलों ने कांग्रेस के साथ गठबंधन जारी रखा था, जिसमें ISF भी शामिल थी। हालांकि, वाम दल और कांग्रेस एक भी सीट जीतने में नाकाम रहे थे, जबकि ISF ने एक सीट हासिल की थी।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।