यूँ ली दिल्ली पुलिस ने AI तकनीक की मदद और सुलझाया हत्या का मामला
<p>दिल्ली पुलिस ने पहली बार एक शव की पहचान की और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करके हत्या के एक मामले को सुलझाया।मृतक व्यक्ति का चेहरा इतना क्षत-विक्षत था कि उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी।</p>
आईएएनएस के अनुसारअधिकारियों ने बुधवार को बताया कि 10 दिसंबर को गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के नीचे एक अज्ञात शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला की व्यक्ति का गला घोंटा गया था। उसके शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं था।
बिगड़े चेहरे को फिर से बनाया ,बांटे 450 पोस्टर्स
मामले को सुलझाने के लिए दिल्ली पुलिस ने 30 सदस्यीय टीम का गठन किया गया और एआई तकनीक का इस्तेमाल किया। एआई का उपयोग करते हुए उन्होंने डिजिटल रूप से पीड़ित के चेहरे को फिर से बनाया। करीब 450 पोस्टर बनाए, जिन्हें रणनीतिक रूप से दिल्ली में वितरित किए गए और 12 जनवरी तक व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से डिजिटल रूप से साझा किया गया।
हुई शिनाख्त
इमेज के बैकग्राउंड को डिजिटल रूप से बदलकर यमुना नदी जैसा बनाया गया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "एक सफलता तब मिली जब एक पुलिस स्टेशन के बाहर लगे पोस्टर में एक व्यक्ति ने पीड़ित की पहचान अपने भाई हितेंद्र के रूप में की।"
जब पुलिस ने मामले की आगे जांच की तो पता चला कि हितेंद्र और एक महिला सहित चार लोगों के बीच विवाद के कारण जानलेवा विवाद हुआ था। अधिकारी ने कहा, ''तीनों ने हितेंद्र का गला घोंट दिया था और महिला ने सबूत छुपाने में मदद की थी।''
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