नशीली दवाओं से सम्बंधित मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व डीएमके नेता/फिल्म निर्माता ज़फ़र सादिक के 35 ठिकानों पर ED का छापा
<p>मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी मंगलवार को तमिलनाडु में 35 स्थानों पर छापेमारी कर रहे हैं। ये छापेमारी पूर्व डीएमके नेता और तमिल फिल्मों के निर्माता जाफर सादिक की गिरफ्तारी से संबंधित मामले में फिल्म निर्देशक अमीर से हाल ही में हुई पूछताछ के बाद हो रही है।</p>
ईडी के अधिकारियों ने छापों के बारे में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है। गौरतलब है कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने हाल ही में अमीर समेत दो अन्य कारोबारियों से दिल्ली में पूछताछ की थी।
डीएमके एनआरआई सेल के नेता जाफर सादिक को मार्च में राष्ट्रीय राजधानी में 2,000 करोड़ रुपये के ड्रग तस्करी मामले में गिरफ्तार किया गया था। ईडी ने न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में स्यूडोएफ़ेड्रिन की तस्करी के आरोप में जाफ़र सादिक और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के मामले के आधार पर पहले ही मामला दर्ज कर लिया था। एनसीबी ने फरवरी में दिल्ली में एक गोदाम का भंडाफोड़ किया और 50 किलोग्राम स्यूडोएफ़ेड्रिन जब्त किया और जाफ़र सादिक और उसके करीबी सहयोगी सदानंदम सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया।ईडी ने मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच के लिए पीएमएल अधिनियम के तहत एक अलग मामला दर्ज किया।
फिल्म निर्देशक अमीर के कार्यालय की भी टी नगर में तलाशी ली गई, जिनसे हाल ही में जाफर सादिक के साथ कथित संबंधों के लिए दिल्ली में एनसीबी ने पूछताछ की थी। यह तलाशी कोडुंगैयुर, किलपौक और राधाकृष्णन सलाई में की गई।
जाफर सादिक, जो फिल्म और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश करने वाले एक व्यवसायी के रूप में जाने जाते थे, डीएमके एनआरआई विंग के सदस्य भी थे। हालाँकि, मादक पदार्थों की तस्करी में उनकी कथित संलिप्तता के बाद उन्हें पार्टी पद से हटा दिया गया था।
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