समंदर में दुश्मनों की खैर नहीं... 2 सितंबर को पीएम मोदी देश को सौंपेंगे आईएनएस विक्रांत
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देश के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत को भारतीय नौसेना के जंगी बेड़े में 2 सितंबर को शामिल किया जाएगा। केरल के कोच्चि में 2 सितंबर को आईएनएस विक्रांत की कमीशनिंग के वक्त पीएम मोदी मुख्य अतिथि होंगे। भारतीय नौसेना ने इस बात की जानकारी गुरुवार, 25 अगस्त को दिल्ली में दी। आईएनएस विक्रांत के नौसेना में शामिल होने के बाद भारत की सैन्य ताकत और बढ़ जाएगी।
नौसेना के उपप्रमुख वाइस एडमिरल एसएन घोरमडे ने कहा कि आईएनएस विक्रांत को 2 सितंबर को कोच्चि में एक कार्यक्रम में नौसेना में शामिल किया जाएगा और इस कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी शिरकत करेंगे।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में निगरानी होगी आसान
स्वदेश में निर्मित विमानवाहक पोत आईएनएस ‘विक्रांत’ के सेवा में शामिल होने से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। करीब 20 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस विमानवाहक पोत ने पिछले महीने समुद्री परीक्षणों के चौथे और अंतिम चरण को सफलतापूर्वक पूरा किया था। वाइस एडमिरल घोरमडे का कहना है कि आईएनएस ‘विक्रांत’ ‘राष्ट्रीय एकता’ का प्रतीक भी होगा क्योंकि इसके कल-पुर्जे कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए हैं।
चुनिंदा देशों में शामिल हुआ भारत
'विक्रांत' के निर्माण के साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है जिनके पास विमानवाहक पोत को स्वदेशी रूप से डिजाइन करने और निर्माण करने की क्षमता है।
दुश्मन की पनडुब्बियों पर खास नजरें
विक्रांत पर जो रोटरी विंग एयरक्राफ्ट्स होंगे, उनमें छह एंटी-सबमरीन हेलीकॉप्टर्स होंगे, जो दुश्मन की पनडुब्बियों पर खास नजर रखने में पूरी तरह सक्षम हैं।
चीन का हर मंसूबा होगा पूरी तरह नाकाम
भारतीय नौसेना को आईएनएस विक्रांत की इसलिए भी जरूरत है, क्योंकि एलएसी पर चीन से चल रहे विवाद का असर हिंद महासागर में भी देखने को मिल रहा है।
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