अनोखे अनुभव करवाने को तैयार है शानदार गंगा विलास क्रूज;पीएम मोदी ने किया दुनिया के सबसे लम्बे रिवर क्रूज़ का उद्घाटन
<p>वाराणसी में गंगा नदी के किनारे दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज ‘एमवी गंगा विलास’ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह क्रूज 51 दिनों में लगभग 3,200 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। यह क्रूज बांग्लादेश होते हुए असम के डिब्रूगढ़ पहुंचेगा। इस दौरान यह क्रूज भारत और बांग्लादेश से गुजरने वाली 27 नदी प्रणालियों के रास्ते अपनी मंजिल तक पहुंचेगा।</p>
पर्यटन के नए युग की शुरुवात
पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से क्रूज को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गंगा नदी पर दुनिया की सबसे लंबी नदी क्रूज सेवा की यह शुरुआत एक ऐतिहासिक क्षण है। यह भारत में पर्यटन के एक नए युग की शुरुआत करेगा। गंगा विलास क्रूज वाराणसी से डिब्रूगढ़ के बीच की अपनी यात्रा में 3,200 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। इस दौरान यह क्रूज 27 रिवर सिस्टम्स और कई राज्यों को पार करेगा।
गंगा विलास क्रूज यहाँ से गुजरेगा
क्रूज के सफ़र के दौरान सारनाथ के बौद्ध स्थल वाराणसी में प्रसिद्ध गंगा आरती को कवर करने के लिए पिट-स्टॉप बनाएगी। क्रूज के यात्री बिहार योग विद्यालय और विक्रमशिला विश्वविद्यालय की भी सैर कर पाएंगे। यह क्रूज बंगाल डेल्टा की खाड़ी में सुंदरबन के साथ-साथ काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से होकर गुजरेगा। इस क्रूज के माध्यम से विश्व धरोहर स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानों, नदी घाटों और बिहार के पटना, झारखंड के साहिबगंज, पश्चिम बंगाल के कोलकाता, बांग्लादेश के ढाका और असम के गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों सहित 50 पर्यटन स्थलों की यात्रा की जा सकेगी। यह यात्रा पर्यटकों को भारत और बांग्लादेश की कला, संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिकता के अनुभव का अवसर प्रदान करेगी।
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