सरकार ने पांचवीं जेनरेशन के स्टेल्थ फाइटर जेट को दी मंजूरी, खौफ में आ जाएंगे चीन-पाकिस्तान..!

<p><em>वायुसेना के लिए पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट को बनाने के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट कमेटी ने हरी झंडी दे दी है। इसके लिए 15 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। सबसे पहले पांच प्रोटोटाइप विमान बनाए जाएंगे।&nbsp;</em></p>

सरकार ने पांचवीं जेनरेशन के स्टेल्थ फाइटर जेट को दी मंजूरी, खौफ में आ जाएंगे चीन-पाकिस्तान..!
09-03-2024 - 12:34 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) ने स्वदेशी स्टेल्थ फाइटर जेट को मंजूरी दे दी है। पांचवीं पीढ़ी का यह विमान एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) प्रोग्राम के तहत बनेगा। इसके लिए 15 हजार करोड़ रुपए एप्रूव किए गए हैं। इसके बनने से चीन और पाकिस्तान की हालत खराब हो जाएगी। 
विमान की ताकत और खासियत
इस फाइटर जेट का नाम है, एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट। इसका पहला प्रोटोटाइप साल 2026 तक सामने आ जाएगा। इसमें जनरल इलेक्ट्रिक 414 के दो इंजन लगे होंगे। एएमसीए आने से चीन, रूस और अमेरिका जैसे देशों की श्रेणी में भारत भी शामिल हो जाएगा। एएमसीए के आने के बाद भारतीय वायुसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। एएमसीए अमेरिकी एफ-35 और रूस के एसयू-57 को कड़ी टक्कर देगा। देश में अभी फ्रांस से मंगाए गए 4.5 पीढ़ी के राफेल फाइटर जेट हैं। यह विमान अमेरिका के सबसे खतरनाक फाइटर जेट एफ-35 को स्पीड में पिछाड़ देगा। इसकी अधिकतम गति 2633 केएमपीएच होगी। एफ-35 की अधिकतम गति 2000 केएमपीएच ही है। एएमसीए के आने के बाद पाकिस्तान तो मुंह खोल नहीं पाएगा। चीन की हालत भी खराब रहेगी।
अमेरिकी फाइटर जेट एफ-35 से ज्यादा रेंज
एएमसीए रेंज में भी अमेरिकी एफ-35 से ज्यादा होगा। भारतीय लड़ाकू विमान की रेंज 3240 किमी होगी, जबकि अमेरिकी फाइटर की है 2800 किमी है। कॉम्बैट रेंज 1620 किलोमीटर होगी, जबकि एफ-35 की कॉम्बैट रेंज 1239 किलोमीटर है। भारतीय लड़ाकू विमान 57.9 फीट लंबा होगा, जबकि एफ-35 छोटा है। यह सिर्फ 51.4 फीट लंबा है। एएमसीए का विंगस्पैन 36.6 फीट का होगा, जबकि एफ-35 का 35 फिट ही है। एएमसीए की ऊंचाई 14.9 फीट होगी, जबकि एफ-35 की 14.4 फीट है। एएमसीए सिर्फ एक मामले में थ्-35 से पीछे दिख रहा है, वो है ईंधन की क्षमता। भारतीय विमान में 6500 किलोग्राम फ्यूल आएगा। जबकि अमेरिकी फाइटर में 8275 किलोग्राम आता है। 
आधुनिक डिस्प्ले और कमांड कंट्रोल होगा

भारतीय फाइटर जेट अधिकतम 65 हजार फीट की ऊंचाई तक जाएगा। ये फाइटर जेट भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना के लिए बनाया जाएगा। इंडियन एयरफोर्स इस फाइटर जेट के सात स्क्वॉड्रन बनाने की योजना बना रहा है। पहले वर्जन के बाद एएमसीए मार्क-2 में और ताकतवर ज्वाइंट वेंचर इंजन लगाने की प्लानिंग है। इसका कॉकपिट मैन-मशीन इंटरैक्शन पर आधारित होगा। पैनारोमिक टचस्क्रीन डिस्प्ले, मल्टी फंक्शन डिस्प्ले और हेड्स अप डिस्प्ले की व्यवस्था होगी। एएमसीए में हैंड्स ऑन थ्रॉटल एंड स्टिक अरेंजमेंट होगा। जो पायलट के दाहिने हाथ में स्टिक और बाएं हाथ में थ्रॉटल होगा। ताकि पायलट का वर्कलोड कम हो सके। 
हथियारों का पूरा जखीरा 
एएमसीए में 14 हार्ड प्वाइंट्स होंगे। इसमें 23 मिलीमीटर की कैनन लगी होगी। इसके अलावा 8 रॉकेट पॉड्स, अस्त्र मार्क-1, 2, 3, हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, ब्रह्मोस एनजी, संत और हवा से जमीन पर मार करने वाली रुद्रम मिसाइल लगाई जाएंगी। एफ-35 फाइटर जेट में एक 25 मिलीमीटर का कैनन है। चार हार्डप्वाइट्ंस हैं। छह एक्सटर्नल हार्ड प्वाइंट्स हैं। 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।