राशि के अनुसार कैसा रहेगा आपके लिए यह पखवाड़ा (01 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2023 तक), जानिए..
<p><strong><strong><strong><em>पाक्षिक राशिफल में हम इस बार 01 अक्टूबर 2023 से 15 अक्टूबर 2023 तक के 15 दिनों राशिफल को प्रस्तुत कर रहे हैं। इस पखवाड़े में विभिन्न ग्रहों की गोचर में स्थिति अनुसार लग्न पर आधारित राशिफल प्रस्तुत किया जा रहा है l यहां दिए गए राशिफल को अपनी-अपनी कुंडली में ग्रहों की स्थिति एवं वर्तमान दशा एवं अंतर्दशा के संदर्भ में समझने पर अच्छे परिणाम की आशा की जाती है ।</em></strong></strong></strong></p>
मेष राशि

आपको अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने की जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि राहु बृहस्पति के साथ पहले भाव में और केतु सातवें भाव में मौजूद हैं। हालांकि चन्द्र राशि से पांचवें भाव पर बृहस्पति की दृष्टि बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में मददगार साबित होगी
करियर का कारक ग्रह शनि स्वराशि में वक्री अवस्था में बैठे हैं, जिसके परिणामस्वरूप तेजी से विकास और सफलता हासिल कर पाना मुश्किल हो सकता है। वहीं आगे राशि का स्वामी मंगल छठे भाव में मौजूद है, जिसके फलस्वरूप पेशेवर जीवन बेहतर रहेगा, खासतौर से उनके लिए, जो प्रशासनिक पदों पर कार्यरत हैं। वहीं कुछ लोगों को करियर के क्षेत्र में विदेश जाने का भी अवसर मिल सकता है
सलाह: राहु और केतु ग्रहों के लिए मंगलवार के दिन हवन-यज्ञ करें। शनि ग्रह के लिए शनिवार को हवन-यज्ञ करें। शनिवार के दिन “ॐ मांड्या नमः” मंत्र का 17 बार जाप करें।
वृषभ राशि

उच्च रक्तचाप और पाचन संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान हो सकते हैं। दसवें भाव में शनि की मौजूदगी जातक को भरपूर ऊर्जा प्रदान कर सकता है, लेकिन चौथे भाव पर शनि की दृष्टि सेहत के मामले में सुख-सुविधाओं में कमी ला सकता है, वहीं चंद्र राशि के संदर्भ में शनि एक शुभ ग्रह है। जिसके कारण जातक को कई बड़ी स्वास्थ्य समस्या परेशान नहीं कर सकने की संभावना है। राहु के साथ बृहस्पति चंद्र राशि के बारहवें भाव में मौजूद होगा, जिसके परिणामस्वरूप जातकों को करियर के क्षेत्र में लाभ प्राप्त करने के लिए देरी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन दसवें भाव में शनि और पांचवें भाव के स्वामी के रूप में बुध पहले भाव में बैठे हैं, जिसके चलते आप करियर में अच्छा प्रॉफिट कमाने में सक्षम हो सकते हैं।
सलाह: रोजाना 108 बार “ॐ दुर्गाय नमः” मंत्र का जाप करें। राहु के लिए शनिवार को हवन-यज्ञ करें। प्रतिदिन "ॐ शुं शुक्राय नमः" मंत्र का 24 बार जाप करें।
मिथुन राशि

स्वास्थ्य के मोर्चे पर आपको काफी अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करेगा, क्योंकि बृहस्पति मेष राशि के ग्यारहवें भाव में राहु के साथ अनुकूल स्थिति में मौजूद है, जो बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में सक्षम हो सकते हैं, लेकिन वहीं पांचवें भाव में केतु की मौजूदगी के परिणामस्वरूप स्वास्थ्य के प्रति जातक के अंदर चिंता और असुरक्षा की भावना पनप सकती है। बृहस्पति जो कि एक शुभ ग्रह है वह ग्यारहवें भाव में बैठे हैं, जिसके परिणामस्वरूप जातक को नौकरी में नए मौके मिल सकते हैं और नौकरी में प्रमोशन के योग भी बन सकते हैं। जबकि कुछ जातकों को विदेश जाने का भी मौका मिल सकता है। चंद्र राशि के ग्यारहवें भाव भाव में राहु और बृहस्पति की युति के कारण जातक को करियर में कई अच्छे मौके दे सकता है।
सलाह: प्रतिदिन "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का 41 बार जाप करें। रोजाना 41 बार "ओम बुधाय नमः" मंत्र का जाप करें। बुधवार के दिन दिव्यांगों को भोजन करवाएं।
कर्क राशि

चौथे भाव में केतु की मौजूदगी के कारण जातक को स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुख सुविधाओं की कमी महसूस हो सकती है। चौथे भाव में केतु की मौजूदगी के कारण जातक को अपनी मां के स्वास्थ्य के लिए पैसे खर्च करने पड़ सकते हैंकरियर के क्षेत्र में जातक को काम के दबाव और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है कुछ जातक नौकरी खोने की संभावना या अच्छी नौकरी पाने के लिए नौकरी में बदलाव करने का विचार कर सकते हैं। दसवें भाव के स्वामी के रूप में मंगल तीसरे भाव में अनुकूल स्थिति में मौजूद हैं, जिसके परिणामस्वरूप जातक अच्छी नौकरी की चाहत के लिए नौकरी में बदलाव कर सकते हैं।
सलाह: रोजाना 20 बार “ॐ चंद्राय नमः” मंत्र का जाप करें। सोमवार के दिन चंद्र ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें। सोमवार का व्रत करें।
सिंह राशि

स्वास्थ्य के क्षेत्र में जातकों को अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं, क्योंकि बृहस्पति नौंवे भाव में मौजूद है और चंद्र राशि पर इसकी दृष्टि पड़ रही है। बृहस्पति की शुभ दृष्टि के कारण जातक को बेहतर स्वास्थ्य की उम्मीद कर सकते हैं और साथ ही जातक भरपूर ऊर्जा भी इस दौरान महसूस कर सकते हैं।
करियर के क्षेत्र में जातक को अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। नौवें भाव में बृहस्पति की मौजूदगी और चंद्र राशि पर इसकी दृष्टि के परिणामस्वरूप जातक को प्रमोशन के साथ- साथ अन्य लाभ भी मिल सकते हैं। शनि सातवें भाव में मौजूद है और चंद्र राशि पर दृष्टि डाल रहा है, जिसके कारण कार्यक्षेत्र में जातकों को सहकर्मियों और अपने वरिष्ठों से कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है
सलाह: प्रतिदिन प्रात: काल सूर्य देव की पूजा करें। आदित्य हृदय मंत्र का नित्य जप करें। रविवार के दिन सूर्य देव के लिए यज्ञ-हवन करें।
कन्या राशि

स्वास्थ्य के क्षेत्र में औसत परिणाम प्राप्त हो सकते हैं, क्योंकि शुभ ग्रह बृहस्पति आठवें भाव में मौजूद हैं और ये जातक को पाचन संबंधी और सिरदर्द की समस्या दे सकता है। राहु बृहस्पति के साथ अक्टूबर 2023 तक आठवें भाव में बैठे हैं। इस दौरान चंद्र राशि के आठवें भाव में राहु और दूसरे भाव में केतु की प्रतिकूल स्थिति है, जो इन जातकों के लिए स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर नहीं है। बृहस्पति आठवें भाव में मौजूद है। वहीं शुक्र बारहवें भाव में बैठे हैं करियर के क्षेत्र में जातकों को शुभ संकेत दे सकता है। वहीं आगे छठे भाव में शनि की मौजूदगी से व्यवसाय कर रहें जातक पूरे समर्पण और उत्साह के साथ प्रदर्शन करने में सक्षम हो सकते हैं, लेकिन शनि छठे भाव में वक्री होगा और इससे करियर में औसत लाभ की उम्मीद की जा सकती है।
सलाह: रोजाना "ॐ राहवे नमः" मंत्र का 41 बार जाप करें। प्रतिदिन 41 बार “ॐ केतवे नमः” मंत्र का जाप करें। हर दिन दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
तुला राशि

आपको अपने स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता होगी क्योंकि पाचन संबंधी समस्याएं और त्वचा संबंधी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। दूसरी ओर, सातवें भाव में बृहस्पति के साथ राहु मौजूद होने के कारण आपको सिरदर्द की शिकायत हो सकती है।नौकरीपेशा जातक अपने कार्यों को समय पर पूरा नहीं कर सकेंगे, जिसके कारण आप नौकरी से असंतुष्ट हो सकते हैं। दूसरी ओर, राहु-केतु की स्थिति अनुकूल न होने की वजह से करियर में कई चुनौतियां आ सकती हैं, वरिष्ठों से नौकरी का दबाव झेलना पड़ सकता है और अधिक दबाव के कारण काम में ग़लतियां हो सकती हैं।
सलाह: प्रतिदिन 41 बार “ॐ केतवे नमः” का जाप करें। प्रतिदिन 41 बार “ॐ राहवे नमः” का जाप करें। मंगलवार के दिन राहु-केतु के लिए यज्ञ/हवन करें। मंगलवार और शुक्रवार के दिन माँ दुर्गा की पूजा करें।
वृश्चिक राशि
आप अपना स्वास्थ्य बेहतर बनाए रखने में सक्षम होंगे क्योंकि छठे भाव में राहु स्थित है। लेकिन बृहस्पति आपके छठे भाव में दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी के रूप में मौजूद रहेगा। शनि पहले से ही चौथे भाव में विराजमान है। ऐसे में आपको अपनी माता जी के स्वास्थ्य के लिए धन ख़र्च करना पड़ सकता है क्योंकि उनकी सेहत में गिरावट आने की आशंका है।अनुकूल-प्रतिकूल दोनों तरह के परिणाम प्राप्त होंगे क्योंकि शनि चौथे भाव में स्थित है। शनि की इस स्थिति के कारण हो सकता है कि आप अपने काम समय पर पूरे न कर पाएं, छोटे-छोटे कामों में भी कठिनाइयां आएं और काम के दबाव के कारण कुछ ग़लतियां हो जाएं। ऐसे में आपको अपने काम पर ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत होगी।
सलाह: प्रतिदिन 27 बार “ॐ हनुमते नमः” का जाप करें। •प्रतिदिन 108 बार “ॐ केतवे नमः” का जाप करें। •प्रतिदिन 41 बार “ॐ मन्दाय नमः” का जाप करें।
धनु राशि

आपको मिले-जुले परिणाम देखने को मिलेंगे। कर्म ग्रह शनि, जो कि करियर के कारक माने जाते हैं, तीसरे भाव में वक्री अवस्था में विराजमान हैं। इनकी यह स्थिति धीमे और निरंतर विकास को दर्शाती है। आमतौर पर ग्रहों की स्थिति आपके करियर के लिए अच्छी रहेगी और आपको विदेश में नौकरी के अवसर, नौकरी के नए अवसर जैसे सुखों का वरदान देगी। आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और आप ऊर्जावान रहेंगे क्योंकि तीसरे भाव में शनि स्थित है। केतु ग्यारहवें भाव में और पांचवें भाव के स्वामी मंगल पांचवें भाव में मौजूद हैं, जिसके परिणामस्वरूप आप ख़ुद को स्वस्थ और फ़िट बनाए रखने में सक्षम होंगे।
सलाह: गुरुवार के दिन निर्धन/गरीब लोगों को भोजन दान करें। प्रतिदिन 108 बार “ॐ गुरुवे नमः” का जाप करें। मंगलवार के दिन राहु ग्रह के लिए हवन/यज्ञ करें।
मकर राशि

आपको बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि शनि चंद्र राशि से दूसरे भाव में स्थित है। हालांकि छोटी-मोटी समस्याएं जैसे कि आंखों में दर्द-संक्रमण, दांतों में दर्द आदि परेशान कर सकती हैं क्योंकि शनि दूसरे भाव में वक्री अवस्था में विराजमान हैं। चौथे भाव में बृहस्पति मौजूद होने के कारण आपको परिवार के स्वास्थ्य के लिए धन खर्च करना पड़ सकता है।आपको सकारात्मक-नकारात्मक दोनों तरह के परिणाम मिलने की संभावना है। शनि दूसरे भाव में और केतु दसवें भाव में स्थित है। दूसरे भाव में शनि की स्थिति साढ़ेसाती के अंतिम ढाई वर्षों को दर्शाती है। दसवें भाव में केतु स्थित होने के कारण,आप अपने कार्यों को लॉजिकल तरीके से करते हुए दिखाई देंगे। वहीं दूसरी ओर, तीसरे भाव के स्वामी के रूप में चौथे भाव में बृहस्पति होने के कारण आपको अपने करियर के संबंध में विदेश में अच्छे अवसर मिलने की संभावना प्रबल है।
सलाह: प्रतिदिन 108 बार "ॐ नमः शिवाय" का जाप करें। प्रतिदिन 21 बार “ॐ हनुमते नमः” का जाप करें। प्रतिदिन 11 बार "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" का जाप करें।
कुम्भ राशि

शनि आपके पहले भाव में स्थित होगा, जिसके प्रभावस्वरूप आपको मानसिक तनाव, पीठ दर्द, बेचैनी, उलझन, चिंता और अनिद्रा जैसी समास्याओं का सामना करना पड़ सकता है। दूसरी ओर, तीसरे भाव में बृहस्पति स्थित होने के कारण आप सिरदर्द और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं के शिकार हो सकते हैं। करियर का कारक ग्रह शनि स्वराशि में पहले भाव में स्थित होगा। इसके कारण हो सकता है कि कार्यस्थल पर आपको काफ़ी चुनौतियों का सामना करना पड़े, अनचाही यात्राएं करनी पड़े, नौकरी का दबाव झेलना पड़े और आपकी मेहनत को नज़रंदाज़ कर दिया जाए। ऐसे में आप मानसिक तनाव का शिकार होते हुए नौकरी से असंतुष्ट हो सकते हैं।
सलाह: प्रत्येक शनिवार को शनि चालीसा का पाठ करें। प्रतिदिन 108 बार “ॐ नमो नारायणाय” का जाप करें। मंगलवार के दिन लाल रंग के फूलों से हनुमान जी की पूजा करें।
मीन राशि

आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी कि इम्युनिटी पॉवर कमज़ोर हो सकती है, जिसके कारण अन्य स्वास्थ्य समस्याएं आपको घेर सकती हैं। मंगल आपके सातवें भाव में स्थित होगा, जिसके प्रभावस्वरूप आप मानसिक तनाव और पाचन संबंधी समस्याओं के शिकार हो सकते हैं। करियर का कारक ग्रह शनि बारहवें भाव में स्थित होगा, जिसके कारण आपको अपने सहकर्मियों और वरिष्ठों से कुछ कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। अधिकांश ग्रहों की स्थिति अनुकूल न होने की वजह से आपके ऊपर काम का दबाव बढ़ सकता है। काम में बाधाएं आ सकती हैं।
सलाह: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। प्रतिदिन 108 बार “ॐ गुरुवे नमः” का जाप करें। मंगलवार के दिन राहु-केतु के लिए यज्ञ/हवन करें।
What's Your Reaction?