लापरवाही की इंतहा..! तीन दिन तक जली बस में पड़ा रहा शिक्षक का शव
अलवर जिले के रामगढ़ कस्बे में 12 सितंबर को जली निजी बस में तीन दिन तक सरकारी स्कूल के शिक्षक का अधजला शव पड़ा रहा। शिक्षक विजय सिंह जाटव दौसा जिले के महुआ क्षेत्र के गांव फूलकापुरा, गाजीपुर का रहने वाला था और अलवर के रामगढ़ क्षेत्र के मस्ताबाद गांव में नियुक्त था। बस में आग लगने के बाद पुलिस मौका-मुआयना करने भी नहीं पहुंची। जिले में पुलिस की लापरवाही को लेकर रोष है।
गुरुवार, 15 सितंबर को जब शव मिला तो स्थानीय पुलिस के साथ एसपी तेजस्विनी गौतम और एडिशनल एसपी सरिता सिंह भी मौके पर पहुंचीं। डॉग स्क्वॉयड व एफएसएल टीम को भी बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए।
अधजला सिर और घुटने की हड्डी
सीओ कमल प्रसाद मीणा ने बताया कि रामगढ़ में भूड वाले हनुमान मंदिर के सामने खाक हुई बस में शव के नाम पर अधजला सिर व घुटने की हड्डी मिली है, बाकी कंकाल है। इस व्यक्ति की हत्या की गई है या दुर्घटना है, इसका खुलासा नहीं हो पाया है।
स्कूल का रेकॉर्ड जला दिया था
मस्ताबाद स्कूल के प्रधानाध्यापक उदय सिंह ने बताया कि विजय करीब एक से डेढ़ साल से मानसिक तौर पर अस्वस्थ था और 27 जुलाई से स्कूल नहीं आ रहा था। एक सितंबर की रात उसने कमरे में रखे सरकारी रेकॉर्ड में आग लगा दी थी।
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