रूस से 1 बैरल तेल पर भारत को 2470 रुपए का फायदा, जलने-कुढ़ने लगे यूक्रेन के मंत्री
<p><em><strong>भारत को प्रत्येक बैरल कच्चे तेल पर लगभग 30 डॉलर (करीब 2,470 रुपये) की बचत हो रही है पर ये बात यूक्रेन के विदेश मंत्री डिमित्रो कुलेबा को बिल्कुल रास नहीं आई है।</strong></em></p>
रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग के बीच भारत को तगड़ा मुनाफा हो रहा है। इसकी वजह रूस से सस्ते दामों पर कच्चा तेल मिलना है। पर ये बात यूक्रेन के एक मंत्री को नागवार गुजरी है और उन्होंने इसे लेकर भारत पर कटाक्ष किया है।
रूस और यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों ने जहां रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए तो उसने डिस्काउंटेड रेट पर भारत और चीन जैसे बड़े देशों को कच्चा तेल बेचना शुरू कर दिया। भारत को भी इसका जबरदस्त फायदा हुआ और उसे प्रत्येक बैरल कच्चे तेल पर लगभग 30 डॉलर (करीब 2,470 रुपये) की बचत हो रही है। पर ये बात यूक्रेन के विदेश मंत्री डिमित्रो कुलेबा को बिलकुल रास नहीं आई और उन्होंने ये बड़ी बात कही है।
क्या बोले यूक्रेन के विदेश मंत्री ?
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘भारत को सस्ते दामों पर रूसी तेल खरीदने का मौका मिला है। पर ये बात किसी से छिपी नहीं कि इसकी कीमत रूस के आक्रामक रवैये के चलते रोजाना यूक्रेन के लोगों को भुगतनी पड़ रही है और वे हर रोज मर रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि अगर हमारी तकलीफों से आपको फायदा हो रहा है, तो आपकी ओर से हमारी मदद किया जाना हमें अच्छा लगेगा।
विदेश मंत्री के बयान का जवाब
दिमित्रो कुलेबा का ये बयान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के सोमवार को दिए वक्तव्य पर आया है। एस. जयशंकर ने कहा था कि इस साल फरवरी से नवंबर के बीच यूरोपीय संघ के देशों ने रूस से जीवाश्म ईंधन की खरीद कई देशों से ज्यादा की है। उनका ये बयान भारत के रूस से तेल खरीदने पर जताई जा रही नाराजगी को लेकर आया था।
भारत को ऐसे हो रहा रूसी तेल से मुनाफा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस से आयातित क्रूड ऑयल से भारत को करीब 35,000 करोड़ रुपए का फायदा हो चुका है। इस समय देश के कुल तेल खरीद का लगभग 12 फीसदी रूस से आ रहा है। अप्रेल-जुलाई के दौरान, रूस से भारत का तेल आयात आठ गुना बढ़कर 11.2 अरब डॉलर हो गया। मार्च के बाद से जब भारत ने रूस से आयात बढ़ाया है तो आयात 12 अरब डॉलर से ऊपर हो गया है।
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