भारत के खूंखार गैंगस्टर्स को मिलेगा ‘कालापानी’! एनआईए की इस मांग की वजह क्या है
<p><em><strong>उत्तर भारत की जेलों में बंद खूंखार गैंगस्टर्स अंडमान निकोबार की जेल में भेजे जा सकते हैं। इसकी मांग गृह मंत्रालय से एनआईए ने की है। आइए इसकी वजह जानते हैं।</strong></em></p>
देश के खूंखार गैंगस्टर्स से जुड़ी बड़ी खबर है। एनआईए ने गृह मंत्रालय से उत्तर भारत की जेलों में बंद 10-12 कुख्यात गैंगस्टरों को अंडमान निकोबार जेल में ट्रांसफर करने की मांग की है। इस मसले पर गृह मंत्रालय के अधिकारियों और एनआईए के अफसरों के बीच लंबी चर्चा हुई है।
एनआईए ने गृह मंत्रालय के अफसरों को कहा है कि कुछ चुनिंदा शातिर कैदियों को अंडमान निकोबार की जेल में ट्रांसफर किया जाए। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए ने आशंका जाहिर की है कि ये गैंगस्टर जेलों में बैठकर अपने सिंडिकेट को संचालित कर रहे हैं। ऐसे में इन्हें यहां की जेलों से निकालकर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की जेलों में शिफ्ट कर दिया जाए।
इस गैंगस्टर्स पर कसेगा शिकंजा
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत उत्तर भारत की जेलों में बंद बड़े गैंगस्टरों पर शिकंजा कसता जा रहा है। इन राज्यों की जेलों में बंद कुछ गैंगस्टरों को अब अंडमान निकोबार द्वीप समूह भेजने की तैयारी की जा रही है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी और गृह मंत्रालय के आला अधिकारियों ने संवेदनशील कैदियों के स्थानांतरण पर महत्वपूर्ण बैठक की है।
गैंगस्टर्स को ‘काला पानी’ क्यों?
एनआईए के मुताबिक, जेल से चल रहे सिंडिकेट पर इससे चोट होगी। बदमाशों के गुर्गों का मनोबल टूटेगा। नेटवर्क से जुड़े गुर्गों से संपर्क नहीं होगा। केंद्र शासित अंडमान निकोबार में कम अड़चन होंगी। बताया जा रहा है कि नाॅर्थ इंडिया के जेलों में बंद 10-12 गैंगस्टर को अंडमान निकोबार जेल में शिफ्ट किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए ने गृह मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर इन गैंगस्टर के शिफ्ट करने की सिफारिश की है। इस मसले पर गृह मंत्रालय और एनआईए के बीच लंबी चर्चा भी हुई है।
लॉरेंस बिश्नोई के सिंडिकेट पर चोट
सूत्रों के अनुसार, एनआईए दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की जेलों में बंद उन गैंगस्टर को अंडमान की जेल में भेजना चाहती है, जो यहां की जेलों में रहकर अपना क्राइम सिंडिकेट चला रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम लॉरेंस बिश्नोई का है, जो फिलहाल दिल्ली की मंडोली जेल में बंद है। एनआईए का मकसद इन गैंगस्टर के नेटवर्क को ध्वस्त करना है। रिपोर्ट के अनुसार, एनआईए कुछ गैंगस्टर को असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में भी भेजने के विकल्प पर विचार कर रही है। जहां फिलहाल वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह और उनके सहयोगी बंद हैं। बड़ी बात ये है कि इनको शिफ्ट किए जाने के लिए दूसरे राज्यों से इजाजत भी नहीं लेनी होगी।
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