कई साल तक बजता रहेगा भारत का डंका...! ग्लोबल एजेंसी ने दी गुड न्यूज

<p>ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच का कहना है कि भारत अगले कई साल तक दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती हुई इकॉनमी बना रहेगा। इस साल भारत का जीडीपी ग्रोथ रेट 6.9 फीसदी रहने का अनुमान है। एजेंसी ने इसमें सुधार किया है। पहले एजेंसी ने भारत की इकॉनमी के इस साल 6.0 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान जताया था।</p>

कई साल तक बजता रहेगा भारत का डंका...! ग्लोबल एजेंसी ने दी गुड न्यूज
18-01-2024 - 09:51 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

यूरोप में एक बार फिर मंदी की आशंका सिर उठा रही है और चीन की इकॉनमी कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। लेकिन भारत की इकॉनमी के लिए चारों तरफ से गुड न्यूज आ रही है। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच का अनुमान है कि भारत अगले कई साल तक दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती हुई इकॉनमी बना रहेगा। रेटिंग एजेंसी ने स्टैबल आउटलुक के साथ भारत की लॉन्ग टर्म फॉरेन करेंसी रेटिंग ‘बीबीबी-’ पर बरकरार रखी है। फिच के मुताबिक फाइनेंशियल ईयर 2024 में भारत का जीडीपी ग्रोथ रेट 6.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। पहले एजेंसी ने भारत की इकॉनमी के इस साल 6.0 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान जताया था। फाइनेंशियल ईयर 2025 में यह 6.5 फीसदी रह सकती है।
फिच की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अगले कई साल दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहेगा। इसकी वजह यह है कि सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जमकर निवेश कर रही है, निजी निवेश का आउटलुक भी अच्छा है और भारत को युवा आबादी का भी फायदा मिलेगा। बैंकों की हेल्थ और कंपनियों की बैलेंस शीट में सुधार से पॉजिटिव इन्वेस्टमेंट साइकल का रास्ता खुलेगा। लगातार सुधारों से ग्रोथ को पंख लगेंगे। हालांकि रिपोर्ट में लेबर मार्केट को लेकर चिंता जताई गई है। एजेंसी का कहना है कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाया जाना बेहद जरूरी है। अगर महिलाओं के रोजगार के लिए सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आगे ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।
रेटिंग एजेंसी का कहना है कि भारत में महंगाई में आने वाले दिनों में कमी आने का अनुमान है। फाइनेंशियल ईयर 2024 के अंत तक महंगाई के घटकर 4.7 फीसदी रहने का अनुमान है जो दिसंबर, 2023 में 5.7 फीसदी रही थी। आरबीआई नीतिगत ब्याज दरों में 75 बेसिस पॉइंट की कटौती कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो इससे लोगों को लोन की किस्त में राहत मिलेगा और उनके पास खर्च करने के लिए अतिरिक्त पैसा होगा। आरबीआई की मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी ने पिछले कई बार से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।