इंटरपोल ने हटाया भगोड़े मेहुल चोकसी का रेड कॉर्नर नोटिस से नाम, भारत ने किया जोरदार विरोध
<p><em>दो अरब डॉलर के पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में भारत को तगड़ा झटका लगा है। इंटरपोल यानि अंतर्राष्ट्रीय पुलिस ने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के खिलाफ रेड नोटिस हटा दिया है। इसके साथ ही मेहुल चोकसी को भारत लाने की कोशिशों पर पानी फिर गया है। भारत ने इसको लेकर काफी विरोध जताया</em></p>
भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को भारत लाने की कोशिशों को सोमवार को बड़ा झटका लगा है। इंटरपोल ने मेहुल चोकसी के खिलाफ रेड नोटिस हटा दिया है। इंटरपोल ने मेहुल चोकसी के खिलाफ दो अरब डॉलर के पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में हीरा कारोबारी के प्रतिनिधित्व के आधार पर अपना रेड नोटिस हटा दिया है। चोकसी के खिलाफ दिसंबर 2018 में रेड नोटिस जोड़ा गया था।
क्या था मामला
इंटरपोल ने चोकसी के खिलाफ 2018 में रेड नोटिस जारी किया था, लगभग 10 महीने बाद वह उस साल जनवरी में भारत से भागकर एंटीगुआ और बारबुडा में शरण लेने के लिए आया था, जहां उसने नागरिकता ले ली थी। सूत्रों के अनुसार चोकसी ने अपने खिलाफ रेड नोटिस जारी करने की सीबीआई की अर्जी को चुनौती दी थी और इस मामले को राजनीतिक साजिश का नतीजा बताया था। उन्होंने भारत में जेल की स्थिति, उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाए थे।
यह मामला पांच सदस्यीय इंटरपोल समिति की अदालत में गया था, जिसे फाइलों के नियंत्रण के लिए आयोग कहा जाता है, जिसने आरसीएन (रेड नोटिस) को अपनी सामग्री को खारिज कर दिया था।
सीबीआई और ईडी को प्रयासों को झटका
इंटरपोल के इस कदम से दो केंद्रीय एजेंसियों केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कोशिशों पर पानी फिर गया। हालांकि, भारत सरकार ने इंटरपोल के इस कदम का कड़ा विरोध किया है। इंटरपोल ने वांटेड सूची से मेहुल चोकसी का नाम हटाने को लेकर भारत काफी नाराज है। इसके लिए उन्होंने जोरदार तरीके से विरोध किया है। बता दें कि रेड कॉर्नर नोटिस को हटाने का मतलब है कि मेहुल चोकसी एंटीगुआ और बारबुडा से बाहर यात्रा कर सकता है।
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