Shri Sammed Shikharji : जैन मुनि सुज्ञेयसागर महाराज की डोलयात्रा में जुटा जैन समाज,सम्मेद शिखर को बचाने के लिए त्यागी थी देह..!

<p><em>Shri Sammed Shikharji :&nbsp;जैन तीर्थ सम्मेद शिखर को टूरिस्ट प्लेस बनाए जाने का विरोध कर रहे जैन मुनि सुज्ञेयसागर महाराज ने मंगलवार को प्राण त्याग दिए। जैन मुनि काे जयपुर के सांगानेर में समाधि दी गई। उनकी डोल यात्रा सांगानेर संघीजी मंदिर से निकाली गई। इस दौरान आचार्य सुनील सागर सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे।&nbsp;</em></p>

Shri Sammed Shikharji : जैन मुनि सुज्ञेयसागर महाराज की डोलयात्रा में जुटा जैन समाज,सम्मेद शिखर को बचाने के लिए त्यागी थी देह..!
04-01-2023 - 06:31 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

बता दें कि वे झारखंड सरकार के इस फैसले के खिलाफ पिछले 10 दिन से आमरण अनशन कर रहे थे। सुज्ञेयसागर 72 साल के थे। जैन तीर्थ सम्मेद शिखर को टूरिस्ट प्लेस बनाए जाने झारखंड सरकार के फैसले के बाद सुज्ञेयसागर सांगानेर में 25 दिसंबर से अनशन कर रहे थे।

कौन थे सुज्ञेय सागर महाराज 
मुनि सुज्ञेय सागर उदयपुर जिले के सलूम्बर तहसील के झल्लारा गांव के रहने वाले थे। उनका जन्म जैन परिवार के पृथ्वीराज खेड़ावत की पत्नी भूरी बाई के कोख से 11 नवम्बर 1951 को हुआ था। जन्म के बाद उनका नाम देवीलाल जैन रखा गया था। नौवीं तक पढ़े लिखे देवीलाल की रुचि आत्म साधना में थी और इसके चलते प्राकृताचार्य सुनील सागर से 6 दिसम्बर 2019 को उन्होंने बांसवाड़ा में मुनि दीक्षा ली थी।

मीठे का कर रखा था त्याग 
मुनि दीक्षा लेते समय सुज्ञेय सागर ने शक्कर का त्याग कर दिया था। वह मध्यम सिंहष्क्रिडित तप साधना में जुटे हुए थे, जो 25 दिसम्बर 2022 को ही पूरी हुई थी। इसी बीच सम्मेद शिखर तीर्थ प्रकरण को लेकर उन्होंने उपवास शुरू कर दिए और आमरण अनशन पर बैठ गए।

देश भर में हो रहे हैं आंदोलन 
जैन तीर्थ सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल घोषित करने का विरोध बढ़ता जा रहा है। रविवार को भी मुंबई,अहमदाबाद और दिल्ली में जैन समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। समाज के लोग दिल्ली के प्रगति मैदान और इंडिया गेट पर इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारियों के एक डेलिगेशन ने इस संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वो झारखंड सरकार के सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित करने के खिलाफ है। यह जैन समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। इससे तीर्थ को नुकसान होगा। प्रदर्शनकारी झारखंड सरकार से फैसला बदलने की मांग कर रहे हैं। इस मसले को लेकर जैन समुदाय के लोग 26 दिसंबर से देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं, रविवार से यह प्रदर्शन तेज हो गए।

गौरतलब है कि झारखंड सरकार ने गिरिडीह जिले में स्थित पारसनाथ पहाड़ी को टूरिस्ट प्लेस घोषित किया है। इसके खिलाफ देशभर में जैन समाज के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। पारसनाथ पहाड़ी दुनिया भर के जैन धर्म के लोगों में सर्वोच्च तीर्थ सम्मेद शिखर के तौर पर प्रसिद्ध है।
 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।