28-29 अक्टूबर के मध्य रात्रि को लगेगा चंद्रग्रहण...चंद्रग्रहण के दौरान करने और न करने वाले कार्यों को हरेक को जानना चाहिए

<p><em>हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन चंद्रदेव की विशेष पूजा की जाती है।क्योकि मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से युक्त होता है और अमृत वर्षा करता है। &nbsp;लेकिन कई सालों बाद 2023 में शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण लग रहा है। जिसका सूतक काल दोपहर से ही प्रारंभ हो जाएगा। सूतक काल में भोजन बनाना व ग्रहण करना वर्जित माना गया है। यद्यपि &nbsp;ग्रहण काल में भी कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है। एक तरफ जहाँ कुछ कार्यों को इस काल में वर्जित माना जाता है तो वही कुछ कार्य ऐसे भी होते हैं जिन्हे अगर इस काल के भीतर कर लिया जाये तो अत्यंत लाभकारी होता है।</em></p>

28-29 अक्टूबर के मध्य रात्रि को लगेगा चंद्रग्रहण...चंद्रग्रहण के दौरान करने  और न करने वाले कार्यों को हरेक को जानना चाहिए
28-10-2023 - 01:29 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

चंद्र ग्रहण कब लगता है 

चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन ही होता है जब पृथ्वी चंद्रमा और सूर्य के बीच आ जाती है। पृथ्वी की छाया चंद्रमा की सतह पर पड़ती है, जिससे यह कुछ घंटों के लिए धुंधला हो जाता है और कभी-कभी लाल रंग का भी दिखाई देने लगता है।

भारत में कबसे शुरू होगा चंद्र ग्रहण

भारत में चंद्र ग्रहण 28-29 अक्टूबर की मध्यरात्रि को लगेगा। चंद्र ग्रहण भारत में 29 अक्टूबर की मध्यरात्रि 01 बजकर 06 मिनट पर प्रारंभ होगा और 02 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण की कुल अवधि 01 घंटा 16 मिनट की है।

भारत में सूतक काल कितने बजे से शुरू होगा

बता दें कि चंद्र ग्रहण का सूतक काल 09 घंटे पूर्व से प्रारंभ हो जाता है। ऐसे में साल के अंतिम चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर 02 बजकर 52 मिनट पर प्रारंभ हो जाएगा। चंद्र ग्रहण 29 अक्टूबर की रात 01 बजकर 44 मिनट पर अपने चरम पर होगा।

ग्रहण काल में भी कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है। एक तरफ जहाँ कुछ कार्यों को इस काल में वर्जित माना जाता है तो वही कुछ कार्य ऐसे भी होते हैं जिन्हे अगर इस काल के भीतर कर लिया जाये तो अत्यंत लाभकारी होता है। 

बिलकुल न करें चंद्र ग्रहण के समय ये सब कार्य 

चंद्र ग्रहण के स्पर्श काल से शुरू होने से लेकर चंद्र ग्रहण के मोक्ष काल तक को सूतक काल कहा जाता है। इस दोरान शुभ कामों को करने की मनाही होती है।

-चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन खाने और बनाने की मनाही होती है।

-ग्रहण काल के समय किसी भी देवी-देवता की मूर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए।

- ग्रहण के समय किसी मंदिर में नहीं जाना चाहिए।

-चंद्र ग्रहण के दौरान तुलसी के पोधे को बिल्कुल भी स्पर्श नहीं करना चाहिए।

-ग्रहण के समय किसी भी तरह की धारदार वस्तुएं जैसे चाकू, सुई, तलवार आदि का इस्तेमाल या फिर पास में नहीं रखना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा अधिक पैदा होती है। 
- गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण के समय घर से बाहर बिल्कुल भी नहीं निकलना  चाहिए। 

याद से ज़रूर करें चंद्र ग्रहण के दौरान ये काम 

चंद्र ग्रहण के समय जरूर करें ये काम

- ग्रहण का सूतक काल लगने से पहले पके हुए भोजन, दूध, दही आदि में कुशा या फिर तुलसी दल डाल दें।

-माना जाता है कि सूतक आरंभ होने से लेकर चंद्र ग्रहण समाप्त होने तक चंद्रमा काफी संकट में रहते हैं।इसलिए इस अवधि में देवी-देवता का भजन, ध्यान आदि करना शुभ माना जाता है।

- अगर आप फिनेंशियल दिक्कतों का सामना कर रहे हैं या फिरदुश्मन आप का बहुत नुक्सान कर रहा है, तो चंद्र ग्रहण के दौरान बजरंग बाण और हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

-चंद्र ग्रहण के समय दुर्गा चालीसा, विष्णु सहस्रनाम, श्रीमद्भागवत गीता, गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र, श्री राम रक्षा स्तोत्र आदि का पाठ करना शुभकारी हो सकता है।

-चंद्रमा के मंत्रों के अलावा राहु-केतु के मंत्रों का जाप करना भी लाभकारी होता है।

-चंद्र ग्रहण के समापन के बाद स्नान जरूर करना चाहिए। इसके बाद काला तिल, काले वस्त्र, साबुत उड़द, आटा, दाल, चावल, चीनी, श्वेत वस्त्र, सात तरह के अनाज आदि किसी जरूरतमंद को दान करें।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।