LIBCOM-2023 : अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी में विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुईं डॉ.लता सुरेश..!

<p><em>डॉ. लता सुरेश विशेष अतिथि के रूप में रूस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी <strong>LIBCOM-2023</strong> में शामिल हुईंं और उन्होंने मुख्य वक्ता के रूप भारत का प्रतिनिधित्व किया।</em></p>

LIBCOM-2023 : अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी में  विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुईं डॉ.लता सुरेश..!
23-11-2023 - 05:11 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

वर्तमान में भारतीय काॅर्पोरेटट कार्य संस्थान में ज्ञान संसाधन और IPCC के प्रमुख के दोहरे कार्यभार को संभाल रहीं डॉ. लता सुरेश विशेष अतिथि व मुख्य वक्ता के रूप में 27 वें LIBCOM-2023 आमंत्रित थीं । यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 19 से 24 नवंबर 2023 को रूस के सुजदल, व्लादीमीर क्षेत्र के सुंदर "टूरसेंटर" होटल और पर्यटन संगठन में आयोजित हुआ।।

भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उद्घाटन भाषण के दौरान उन्होने भारत और रूस के दोस्ताना संबंधों का जिक्र करते हुए आयोजक टीम को अपनी शुभकामनाएं दीं।  प्लेनरी सत्र के दौरान की उनका मुख्य वक्तव्य "ग्रंथालयों में वर्चुअल रिऐलिटी (VR) और ऑगमेंटेड रिऐलिटी (AR) तकनीक" पर था। अपने भाषण में उन्होंने इन तकनीकों के फायदे बताए। उन्होंने भारतीय ग्रंथालयों  जैसे IITs, ISB, IIMs , जिन्होंने इस तकनीक को अपनाया हैं, के उदाहरणों को गिनाते हुए अपना वक्तव्य  दिया।  उन्होंने इन तकनीकों का उपयोग करते समय नैतिक सोच की महत्ता पर भी जोर दिया।

21 नवंबर को, लता सुरेश ने एक सत्र वक्ता के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए, जिसमें उन्होंने "ग्रंथालयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का महत्व" पर ध्यान केंद्रित किया। इस सत्र के दौरान, उन्होंने डीपफेक की भूमिका पर जोर दिया, हाल के उदाहरणों से उन्होंने समझाया कि कैसे भारत सरकार इस समस्या के लिए दिशानिर्देश बना रही है। उन्होंने पीएम मोदी के डीपफेक पर कथन और G20 सम्मेलन को भी उद्धृत किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "नैतिक" कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) उपकरणों के सम्प्रेषण पर वृद्धि के लिए एक वैश्विक रूपरेखा की मांग की।

इन दोनों प्रस्तुतियों ने उन सभी प्रतिभागियों व प्रबुद्धजन की प्रशंसा प्राप्त की, जो रूस और आस-पास के देशों से भाग लेने आए थे। आयोजकों ने बताया की  पिछले सत्ताइस सालों से LIBCOM काॅफ्रेंस आयोजित की जा रही है पर पहली बार भारत से किसी ने इस काॅफ्रेंस में मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत की है। उल्लेखनीय है कि 19 से 24 नवंबर के दौरान विभिन्न प्लेनरी सत्रों में 200 से अधिक प्रतिभागी ने अपनी पेपर्स और विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किए।  यह गौरव का विषय है कि जयपुर के केंद्रीय विद्यालय से स्कूली शिक्षा प्राप्त डॉ. लता सुरेश के भाषण को रूसी टीवी ने अपनी समाचारों में दिखाया। यह भी उल्लेखनीय है डॉ. लता सुरेश ने पूर्व में भी यूके, यूएसए, ओमान, सिंगापुर, तुर्की आदि जैसे कई अन्य देशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।