पद्मश्री लेने से पहले शेफ संजीव कपूर ने शर्त रख दी थी कि ‘मेरी यूनिफॉर्म में ही सम्मान चाहिए’
प्रसिद्ध सेलिब्रिटी शेफ Sanjeev Kapoor ने हाल ही में एक दिलचस्प किस्सा साझा किया, जब उन्हें साल 2017 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने यह सम्मान तब तक स्वीकार करने से मना कर दिया था, जब तक उन्हें अपनी शेफ यूनिफॉर्म में पुरस्कार लेने की अनुमति..
प्रसिद्ध सेलिब्रिटी शेफ Sanjeev Kapoor ने हाल ही में एक दिलचस्प किस्सा साझा किया, जब उन्हें साल 2017 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने यह सम्मान तब तक स्वीकार करने से मना कर दिया था, जब तक उन्हें अपनी शेफ यूनिफॉर्म में पुरस्कार लेने की अनुमति नहीं मिल जाती।
अपने वीडियो सीरीज ‘Kahani Khazana’ में बात करते हुए संजीव कपूर ने इस मौके को न केवल अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि, बल्कि अपने पेशे के सम्मान से जुड़ा अहम क्षण बताया। पद्मश्री भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है, जो कला, सार्वजनिक जीवन और विज्ञान जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।
यूनिफॉर्म से जुड़ी भावनात्मक और पेशेवर पहचान
संजीव कपूर ने बताया कि उनकी शेफ यूनिफॉर्म उनके लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “मैंने होटल में जितने साल काम किया, हर दिन अपनी पूरी यूनिफॉर्म में काम किया। मुझे लगता है कि शेफ की यूनिफॉर्म अपने आप में सम्मान और गर्व को दर्शाती है।”
प्रोटोकॉल के चलते शुरू में मिली थी मनाही
उन्होंने बताया कि Rashtrapati Bhavan में होने वाले समारोह से पहले उन्हें ड्रेस कोड के बारे में जानकारी दी गई थी, जिसमें पारंपरिक भारतीय पोशाक पहनना अनिवार्य बताया गया था।
“मुझे कहा गया कि एक प्रोटोकॉल है और मुझे नेशनल ड्रेस पहननी होगी,” उन्होंने कहा।
लेकिन कपूर के लिए यह सिर्फ कपड़ों का सवाल नहीं था, बल्कि उनकी पेशेवर पहचान और आत्मसम्मान से जुड़ा मामला था।
साफ शब्दों में रखी अपनी बात
जब उनकी बात नहीं मानी गई, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कह दिया, “अगर आप मुझे इस यूनिफॉर्म में पद्मश्री नहीं देना चाहते, तो मत दीजिए।” उनकी इस दृढ़ता का आखिरकार असर हुआ और जब वह समारोह में पहुंचे, तो किसी तरह का विरोध नहीं हुआ।
आखिरकार यूनिफॉर्म में ही मिला सम्मान
कपूर ने बताया, “मैं राष्ट्रपति भवन पहुंचा और बिना किसी विवाद के मैंने अपनी शेफ यूनिफॉर्म में ही पद्मश्री प्राप्त किया।” यह पल उनके लिए सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे शेफ समुदाय के सम्मान का प्रतीक था।
शेफ की छवि बदलने में बड़ा योगदान
संजीव कपूर ने अपने करियर में शेफ पेशे को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। टीवी शो, कुकबुक और विभिन्न क्यूलिनरी प्रोजेक्ट्स के जरिए उन्होंने प्रोफेशनल कुकिंग को आम लोगों तक पहुंचाया।
उन्होंने यह भी बताया कि समय के साथ टीवी पर शेफ की पारंपरिक छवि में बदलाव आया है, “जब मैंने टीवी शुरू किया, तो शेफ की टोपी फ्रेम से गायब हो गई। धीरे-धीरे कैजुअल दिखने के लिए मुझे सामान्य शर्ट पहनने का सुझाव दिया गया।”
“यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं”
अंत में उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि जो पद्मश्री मुझे मिला है, वह सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि पूरे शेफ समुदाय के लिए है।”
इस तरह संजीव कपूर की यह कहानी न केवल व्यक्तिगत दृढ़ता की मिसाल है, बल्कि अपने पेशे के सम्मान के लिए खड़े होने का भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
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