अग्निपथ योजना पर रोक नहीं, हाई कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
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दिल्ली हाई कोर्ट ने सशस्त्र बलों में भर्ती की अग्निपथ योजना पर रोक लगाने से गुरुवार, 25 अगस्त को इनकार कर दिया और केंद्र सरकार से इसे चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने को कहा। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने केंद्र से योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर एक समेकित जवाब दाखिल करने को कहा और जवाब दाखिल करने के लिए केन्द्र को चार सप्ताह का समय दिया।
याचिकाकर्ताओं में से एक के वकील ने अदालत से याचिकाओं पर फैसला होने तक योजना को लागू करने पर रोक लगाने का आग्रह किया। अदालत ने हालांकि यह कहते हुए योजना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया कि वह कोई अंतरिम आदेश नहीं दे रही है और वह इस मामले में आखिर तक सुनवाई करेगी। कुछ अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि अदालत कह सकती है कि अग्निपथ योजना के माध्यम से नियुक्ति रिट याचिकाओं के फैसले के अधीन होगी। इस पर पीठ ने कहा, ‘ऐसा ही हमेशा होता है।’
क्या है अग्निपथ
अग्निपथ योजना में रक्षा बलों में साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को केवल चार साल के लिए भर्ती करने का प्रावधान है, जिसमें से 25 प्रतिशत को 15 और वर्षों तक बनाए रखा जा सकेगा। इस योजना की घोषणा के तुरंत बाद कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। बाद में, सरकार ने योजना के तहत 2022 में भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया था।
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