पीएम मोदी के ‘त्रिदेव’: इन नेता-अफसर की है पीएम तक सीधी पहुंच

<p><em><strong>एक फ्रेम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोर टीम के तीन दिग्गज। विदेश मंत्री एस। जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्र। ये तीनों बस नेता या अफसर नहीं हैं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आंख और कान हैं।</strong></em></p>

पीएम मोदी के ‘त्रिदेव’: इन नेता-अफसर की है पीएम तक सीधी पहुंच
22-07-2023 - 10:17 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

मौका भारत और श्रीलंका के बीच अहम समझौतों पर दस्तखत का। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल दोनों कुछ गंभीर चर्चा करते दिख रहे हैं। विदेश मंत्री कुछ बताते दिख रहे हैं, जिसे एनएसए बहुत ध्यान से सुनते नजर आ रहे हैं। फ्रेम में एक तीसरा चेहरा भी है। ठीक पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव प्रमोद कुमार मिश्र चिंतन की मुद्रा में दिख रहे हैं। फ्रेम में दिख रहे तीनों की पहचान सिर्फ नेता या अफसर की नहीं है, बल्कि ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आंख और कान हैं। पीएम के तमाम महत्वपूर्ण फैसलों के पीछे इनका ही दिमाग होता है। एक कूटनीति का मास्टर तो एक राष्ट्रीय सुरक्षा का। और पीके मिश्रा की अहमियत इसी से समझी जा सकती है कि उन्होंने पीएम के प्रधान सचिव के तौर पर मोदी के सबसे भरोसेमंद और काबिल माने जाने वाले अफसर नृपेंद्र मिश्र की जगह ली है।
जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को दी नई धार
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारतीय कूटनीति को एक नई धार दी है। असल मायनों में वह कूटनीति के मास्टर हैं। कब कहां आक्रामक होना है, कहां लचीला ये उन्हें बखूबी पता है। वह अपने बेबाकी और टू द पॉइंट बातों के लिए जाने जाते हैं। जब वह आतंकवाद पर बोलते हैं तो पाकिस्तान की बखिया उधेड़कर रख देते हैं, उसे आतंक की फैक्ट्री तक करार देते हैं। यूएन में आतंकियों को ब्लैकलिस्टिंग से बचाने वाले चीन का मुखौटा उतार नंगा कर देते हैं। पाकिस्तान के कश्मीर राग पर दो टूक कहते हैं अब अगर बात होगी तो सिर्फ पीओके पर। रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर यूरोप की आलोचनाओं पर पश्चिमी देशों के पाखंड को तार-तार कर देते हैं। उन्हें जिस अंदाज में आईना दिखाते हैं, वो सिर्फ एस. जयशंकर ही कर सकते हैं। यूं ही नहीं इस पूर्व करियर डिप्लोमैट पर प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया है और अपनी दूसरी पारी में इस पूर्व विदेश सचिव को विदेश मंत्रालय जैसी अहम जिम्मेदारी सौंपी है।
भारत के जेम्स बॉन्ड अजीत डोभाल
एनएसए अजीत डोभाल को तो भारत का जेम्स बॉन्ड कहा जाता है। पिछले कई सालों से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कोई भी चुनौती हो, उससे निपटना और वो भी कामयाबी के साथ ये डोभाल का गुर है। पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की बात हो या म्यांमार में उग्रवादियों के खिलाफ ऑपरेशन की, इसके मास्टरमाइंड डोभाल ही रहे। पाकिस्तान में मुस्लिम बनकर 7 सालों तक जासूसी की बात हो या उत्तर-पूर्व में उग्रवाद की कमर तोड़ने की, डोभाल की उपलब्धियों की लिस्ट बहुत लंबी है। पीएम मोदी के वह कितने भरोसेमंद हैं, इसका अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि 2020 में जब देश की राजधानी दिल्ली दंगों की आग में झुलस रही थी तब ग्राउंड पर डोभाल को ही भेजा गया।
अहम मसलों पर पीके मिश्रा की सलाह रखती है अहमियत
प्रमोद कुमार मिश्रा यानी पीके मिश्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रिंसिपल सेक्रेटरी हैं। मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब से ही मिश्रा की गिनती उनके भरोसेमंद अफसरों में होती है। सितंबर 2019 में उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी के तौर पर नृपेंद्र मिश्र की जगह ली। 1972 बैच के गुजरात काडर के आईएएस अधिकारी पीके मिश्र तब भी मोदी के प्रिंसिपल सेक्रेटरी रहे थे, जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। हर अहम मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उनकी सलाह काफी मायने रखती है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।