जल्द ही बदल जाएगा रेलवे का पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम
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रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम में कुछ बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। रेल मंत्रालय ने संसद की एक समिति को बताया कि भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने रेलवे यात्री आरक्षण प्रणाली के मौजूदा तंत्र का अध्ययन करने और इसके उन्नयन के लिये सुझाव देने के उद्देश्य से अग्रणी सलाहकार फर्म ग्रांट थॉर्नटन को नियुक्त किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने कहा कि वर्ष 2019-20 के दौरान आईआरसीटीसी की वेबसाइट/एप के जरिये ऑनलाइन बुक किए गए आरक्षित टिकट वास्तविक आरक्षण केंद्र स्थल पर खरीदे गए टिकटों की तुलना में तीन गुणा अधिक हैं । हालांकि यह वेबसाइट आमतौर पर धीमी होती है और विशेष रूप से व्यस्तता वाले समय के दौरान इसके माध्यम से टिकट बुक करने में काफी समय लगता है।
ई टिकटिंग की सुविधा न केवल यात्रियों के लिये सुविधाजनक है बल्कि रेलवे काउंटरों पर भीड़-भाड़ कम करने में भी मदद करती है तथा दलालों की समस्या को समाप्त करने के साथ साथ काउंटरों पर जाली नोट मिलने की भी संभावना समाप्त हो जाती है।
ई-टिकटिंग की बढ़ती संख्या
समिति ने मंत्रालय से कहा कि आईआरसीटीसी की वेबसाइट/सर्वरों की क्षमता को नियमित रूप से सुदृढ़ एवं उन्नत बनाने की जरूरत है ताकि इसे और सुदृढ़ बनाकर अधिकाधिक ट्रैफिक को संभालने योग्य बनाया जा सके। उसने बताया कि आईआरसीटीसी के पास 10 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं का आधार है जिसमें 7.60 करोड़ एक्टिव यूजर हैं।
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