राजस्थान: इस बार बसपा फूंक-फूंककर रख रही कदम, 60 सीटों पर खास फोकस
<p><em><strong>विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा अपनी-अपनी सरकार बनाने के लिए ताकत झोंक रहे हैं। इस बीच बहुजन समाज पार्टी भी चुनाव की तैयारियों में जुटी है। पांच सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा करके बसपा ने इस मामले में बढ़त ले ली है।</strong></em></p>
राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा अपनी-अपनी सरकार बनाने के लिए ताकत झोंक रहे हैं। इस बीच बहुजन समाज पार्टी भी चुनाव की तैयारियों में जुटी है। पांच सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा करके बसपा ने इस मामले में बढ़त ले ली है। जहां दोनों प्रमुख दल वॉररूम संचालित करके और फील्ड में जाकर सभाएं कर रहे हैं, वहीं बसपा अंदरुनी रणनीति पर कार्य कर रही है। चुनाव से पहले बसपा राज्य में ‘बहुजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ यात्रा भी निकाल चुकी है। पिछले चुनावों में भी बसपा के प्रत्याशी प्रदेश में चुनाव जीतते रहे। दो बार ऐसा हुआ कि विधायक बनने के बाद उन्होंने बसपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। बसपा ऐसे प्रत्याशियों की तलाश में है, जो पार्टी की रीति-नीति के अनुसार चल सकें। बसपा ने प्रदेश में जीत का स्वाद पहली बार 1998 में चख लिया था। पार्टी करौली, खेतड़ी धौलपुर, नगर और नदबई के प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।
12 जिलों पर विशेष फोकस
इस बार के चुनाव में करौली, भरतपुर, धौलपुर, दौसा, अलवर, सवाईमाधोपुर, सीकर, झुंझुनूं जालोर, हनुमानगढ़ बाड़मेर और चूरू जिले की विधानसभा सीटों पर विशेष फोकस है।
190 सीटों पर लड़ा चुनाव, छह सीट जीती
पिछले पांच चुनावों से राज्य में इसका अस्तित्व कायम है। प्रदेश में दो बार कांग्रेस की सरकार बसपा विधायकों के समर्थन से ही बनी। पिछले चुनाव में वोट लेने में राजनीतिक दलों में बसपा तीसरे नंबर पर रही। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव बसपा ने 190 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे और छह सीटों पर जीत मिली।
1998 में पहली बार जीते प्रत्याशी
पहली बार बसपा ने राजस्थान में 1998 में 110 सीटों पर चुनाव लड़ा और दो सीटों पर जीत मिली। इस साल के चुनाव में बसपा को 4 लाख 8 हजार 504 (2.17 प्रतिशत) मत मिले। इसके बाद 2003 में 124 सीटों पर चुनाव लड़ा और दो सीटों पर जीत मिली। कुल 9 लाख 4 हजार 686 (3.98 प्रतिशत) मत मिले।
सभी 200 सीटों पर लड़ेंगे चुनाव
बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भगवानसिंह बाबा के मुताबिक 1998 के विधानसभा चुनाव से बसपा प्रत्याशी राजस्थान में जीत रहे हैं। 2008 में और 2018 में ऐसा हुआ कि जीते हुए प्रत्याशी कांग्रेस में चले गए। इस बार ऐसा नहीं हो, इसलिए ज्यादा सीटों पर जीतने की रणनीति बनाई है, ताकि सत्ता की चाबी बसपा के हाथ में रहे। सभी 200 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, लेकिन 60 सीटों पर विशेष फोकस है। खासतौर से पूर्वी राजस्थान पर ध्यान दे रहे हैं।
14.35 लाख वोटों के साथ तीसरा बड़ा दल
बसपा को 2018 में 14 लाख 35 हजार, 858 (4.08 प्रतिशत) मत मिले। यह तीसरा बड़ा दल रहा। इससे पहले 2013 में बसपा ने 195 विधानसभा सीटों पर चुना लड़ा और तीन सीटों पर चुनाव जीता। इस चुनाव में कुल 10 लाख 41 हजार, 241 (3.44 प्रतिशत) मत मिले। इससे पहले 2008 में बसपा ने 199 सीटों पर चुनाव लड़ा और 6 सीटों पर जीत मिली। सभी प्रत्याशियों को कुल 18 लाख 32 हजार, 195 (7.60 प्रतिशत) मत मिले।
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