राजस्थान: कांग्रेस में गहलोत-पायलट को लेकर फिर मची खलबली
<p><em><strong>प्रदेश में इसी साल के अंत में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बुधवार को हुई घोषणा ने पार्टी गलियारों में खलबली मचा दी है। स्क्रीनिंग कमेटी की कमान जहां 40 वर्षीय युवा सांसद गौरव गोगोई को दी गई है तो वहीं सहयोग के लिए लगाए गए सदस्यों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ ही पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को भी शामिल किया गया है।</strong></em></p>
स्क्रीनिंग कमेटी का जिम्मा चुनाव में जाने से पहले जिताऊ कैंडिडेट्स का चयन करना रहता है। इसी कमेटी की सिफारिश के आधार पर संभावित उम्मीदवारों का चयन होता है और फिर आलाकमान से आखिरी मंजूरी के बाद चयनित टिकटार्थियों की अंतिम सूची जारी होती ।
किसकी चलेगी? गहलोत या पालयट की?
स्क्रीनिंग कमेटी में सीएम गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट के शामिल होने से पार्टी गलियारों में एक बार फिर चर्चा होने लगी है कि उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में ज्यादा किसकी चलेगी? गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस में कार्यकर्ताओं का एक बड़ा तबका ऐसा है जो दो हिस्सों में बंटा बताया जाता है। गहलोत और पायलट गुट के बीच समय-समय पर सामने आती रही खींचतान भी किसी से छिपी नहीं है। यही वजह है कि स्क्रीनिंग कमेटी में दोनों नेताओं का नाम होने से टिकट पाने की दौड़ में लगे नेताओं और उनके समर्थकों में खलबली मच गई है।
स्क्रीनिंग कमेटी: इन नेताओं पर उम्मीदवार चयन का जिम्मा
अध्यक्ष- गौरव गोगोई
सदस्य- गणेश गोदियाल
सदस्य- अभिषेक दत्त
एक्स ऑफिशियो सदस्य
- अशोक गहलोत
- सचिन पायलट
- सुखजिंदर सिंह रंधावा
- गोविंद सिंह डोटासरा
- सीपी जोशी
- एआईसीसी के तीनों प्रभारी सचिव
जयपुर से दिल्ली तक लॉबिंग तेज
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के सिंबल से चुनाव लड़ने की उम्मीद कर रहे नेताओं ने जयपुर से लेकर दिल्ली तक में लॉबिंग तेज कर दी है। ऐसे नेताओं ने अपने-अपने शीर्ष नेताओं से ज्यादा से ज्यादा संपर्क में रहना और मान-मनोव्वल करना तेज कर दिया है। पार्टी में गुटबाजी के बाद पनपी स्थितियों से इस बार टिकट चाहने वाले नेताओं की मुश्किलें पहले से ज्यादा मानी जा रही हैं।
इन नेताओं को भी मिला जिम्मा
कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह को मध्यप्रदेश, के मुरलीधरन को तेलंगाना और अजय माकन को छत्तीसगढ़ स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है।
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