पायलट का गहलोत पर करारा तंज., पीएम मोदी ने गुलाम नबी की भी ऐसे ही तारीफ की थी, पार्टी हल्के में नहीं लें

<p><em><strong>पायलट ने कहा था कि मुझे पीएम मोदी की ओर से कल सीएम गहलोत की तारीफ करना बहुत दिलचस्प लग रहा है। पीएम ने संसद में गुलाम नबी आजाद की भी इसी तरह प्रशंसा की थी। हमने देखा कि उसके बाद क्या हुआ।</strong></em></p>

पायलट का गहलोत पर करारा तंज., पीएम मोदी ने गुलाम नबी की भी ऐसे ही तारीफ की थी, पार्टी हल्के में नहीं लें
03-11-2022 - 07:00 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस में आंतरिक विवाद समाप्त नहीं हो रहा है। इस बार इसे मुख्यमंत्री गहलोत की पीएम मोदी के तारीफ करने से हवा मिली है। मानगढ़ धाम में मोदी-गहलोत मुलाकात के बाद लंबे समय से चुप्पी साधे सचिन पायलट ने पर्यवेक्षक केसी वेणुगोपाल की हिदायतों को दरकिनार कर मुख्यमंत्री गहलोत पर करारा तंज कसते हुए इसे गुलाम नबी आजाद मामले से जोड़ दिया और कहा कि पार्टी को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। 
इसके जवाब में मुख्यमंत्री गहलोत ने बुधवार को अलवर में कहा, ‘उन्हें ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। केसी वेणुगोपाल ने पार्टी में सभी से इस तरह की कोई भी टिप्पणी नहीं करने को कहा है। हम चाहते हैं कि सभी अनुशासन का पालन करें।’ 
क्या कहा था पायलट ने
राजस्थान के कांग्रेस विधायक सचिन पायलट ने कहा था कि मुझे पीएम मोदी की ओर से कल सीएम गहलोत की तारीफ करना बहुत दिलचस्प लग रहा है। पीएम ने संसद में गुलाम नबी आजाद की भी इसी तरह प्रशंसा की थी। हमने देखा कि उसके बाद क्या हुआ। यह कल हुई एक दिलचस्प घटना है, इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए...।’
सीएम के वफादारों पर भी वार
सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के वफादार विधायकों पर वार करते हुए उन्हें सजा देने की मांग भी की है। सचिन पायलट ने कहा कि नए कांग्रेस अध्यक्ष को राजस्थान के ‘बागी’ विधायकों को सजा देनी चाहिए। सचिन पायलट ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में कांग्रेस के नये अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सामने अपनी मांग रखते हुए कहा कि जिन विधायकों को नोटिस दिया गया है, उन्हें अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा जाना चाहिए।
खरगे पर बनाया कार्रवाई का दबाव
उन्होंने कहा “कांग्रेस एक पुरानी पार्टी है, जिसमें सभी के लिए समान नियम हैं, चाहे वह कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो। मुझे यकीन है कि नए अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कार्रवाई करेंगे। यह उल्लेख करते हुए कि राज्य में 13 महीने में मतदान होने हैं, उन्होंने कहा कि पार्टी पर्यवेक्षक केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि ‘राजस्थान की स्थिति’ पर भी जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
गहलोत समर्थक विधायकों को नोटिस
गौरतलब है कि गहलोत के वफादार नेताओं को 25 सितंबर को जयपुर में मंत्री शांति धारीवाल के आवास पर कांग्रेस विधायक दल के विधायकों की समानांतर बैठक करने के बाद नोटिस जारी किए गए थे। यह नोटिस, पर्यवेक्षक बनकर आए अजय माकन और मल्लिकार्जुन खरगे की रिपोर्ट के बाद जारी किए गए थे।
क्या किया था इन विधायकों ने
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव में खडे़ होने की घोषणा के बाद उनका उत्तराधिकारी चुनने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से एक प्रस्ताव को पारित करने के लिए कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री आवास पर बुलाई गई थी। गहलोत के वफादार विधायक चाहते थे कि अगर गहलोत को बदलना पड़ा तो जिन 102 विधायकों ने जुलाई 2020 में संकट के दौरान अशोक गहलोत सरकार का समर्थन किया था, उनमें से किसी भी विधायक को मुख्यमंत्री चुना जाए।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।