बरसते बादलों के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों का पराक्रम
<p><em>हमारे जीवित रहते ही हम पूरे दुनिया में भारत को एक समृद्ध, समरस और समर्थ राष्ट्र के रूप में खड़ा होता हुआ देखेंगे। इस कार्य की पूर्ति के लिए संघ अपने प्रारंभिक काल से ही लगा है और 2047 तक इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अब समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इस कार्य में सहयोग और योगदान करने की आवश्यकता है। यह विचार कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम ने रखे। </em> </p>
उन्होनें कहा कि यह निश्चित ही स्वयंसेवकों का पराक्रम है विपरीत परिस्थितियों में भी सभी स्वयंसेवकों ने निर्धारित कार्यक्रम को जैसा सोचा था वैसा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह आनंद का विषय है कि प्रस्तुति करने वाले स्वयंसेवको में कर्मचारी, व्यवसायी, और मजदूर सहित हर वर्ग और हर उम्र के लोग सहभागी हैं। संपूर्ण हिंदू समाज का संगठन करना ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्य है।
वैशाली नगर के चित्रकूट में आयोजित इस कार्यक्रम में बरसते बादलों के बीच स्वयंसेवकों ने 35 मिनट तक बिना रुके दंड, नियुद्ध, यष्टि, सूर्य नमस्कार आदि अनेकों शारीरिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमुदाय का मन हर लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय सेना से सेवानिवृत्त मेजर किशन सिंह चौहान रहे। मेजर चौहान स्वयंसेवकों की कठिन साधना और परिश्रम को देखकर हतप्रभ थे। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों का आत्मबल उनको निश्चित ही सफलता के शिखर पर लेकर जाएगा।
कार्यक्रम में राजस्थान क्षेत्र संघचालक डॉ रमेश अग्रवाल, महानगर संघचालक रमेश सिंह राजपुरोहित, भाग संघचालक मानसिंह चौहान सहित सैकड़ों की संख्या में जनसामान्य उपस्थित था। मानसरोवर भाग के संघचालक मान सिंह चौहान ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार प्रकट किया।
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