संदेशखाली केस: हाईकोर्ट ने दूसरी बार बंगाल सरकार को फटकारा, कहा- शाहजहां को गिरफ्तार करो
<p>कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को ममता बनर्जी सरकार से कहा कि संदेशखाली केस में टीएमसी लीडर शेख शाहजहां को गिरफ्तार किया जाए। हाईकोर्ट में एक वकील ने याचिका लगाई थी कि कई लोग संदेशखाली जा रहे हैं। कुछ को गिरफ्तार किया जा रहा है, तो कुछ को मालाएं पहनाई जा रही हैं। वकील ने अपील की कि हाईकोर्ट संदेशखाली की जांच के लिए एक स्वतंत्र कमेटी गठित करे।</p>
हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि हम संदेशखाली की जांच के लिए एक स्वतंत्र कमेटी गठित करेंगे, लेकिन हम चाहते हैं कि राज्य सरकार, पुलिस आदि एजेंसियां कोर्ट में मौजूद रहे। साथ ही अब तक फरार चल रहा जिला परिषद अध्यक्ष शेख शाहजहां भी। हमने पढ़ा कि उसने एंटीसिपेटरी बेल के लिए एप्लिकेशन दी थी, जिसे खारिज कर दिया गया। कोर्ट ने पुलिस को फटकारते हुए कहा- 4 साल पुराना मामला है। एफआईआर को चार्जशीट में तब्दील होने में 4 साल लग गए?
कोर्ट की फटकार के कुछ घंटे बाद कुणाल घोष ने कहा कि शाहजहां शेख को 7 दिन के अंदर अरेस्ट कर लिया जाएगा। संदेशखाली में टीएमसी नेता शेख और उसके 2 साथियों शिबू हाजरा और उत्तम सरदार पर महिलाओं के साथ गैंगरेप का आरोप है। पुलिस ने अब तक शिबू हाजरा और उत्तम सरदार समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि शाहजहां अब तक फरार है।
शाहजहां शेख टीएमसी का डिस्ट्रिक्ट लेवल का नेता है। राशन घोटाले में ईडी ने 5 जनवरी को उसके घर पर रेड की थी। तब शाहजहां के 200 से ज्यादा सपोर्टर्स ने टीम पर अटैक कर दिया। अफसरों को जान बचाकर भागना पड़ा था। तभी से शाहजहां शेख फरार है। हालांकि संदेशखाली के लोगों का कहना है कि वो कहीं नहीं गया, यहीं है।
स्मृति ईरानी ने कहा- राहुल गांधी ने इस मामले में अब तक कुछ नहीं कहा
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि संदेशखाली में जो हुआ वह किसी भी भारतीय की समझ से परे है। राहुल गांधी पर किए अपने कमेंट में स्मृति ने कहा- कांग्रेस के लोग संदेशखाली जाकर बात करना चाहते हैं, लेकिन शहजादा जो अभी भी राजनीति के चक्रव्यूह में खोए हुए हैं, उन्होंने इस मामले पर एक शब्द भी नहीं कहा है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि जिन महिलाओं ने सालों तक ममता का समर्थन किया, आज उन्हें घरों से किडनैप कर उनका रेप किया जा रहा है।
शाहजहां कैसे मजदूर से माफिया बना
आरोपी शाहजहां संदेशखाली में कहां से आया, ये कोई नहीं जानता। 2000-2001 में वो मत्स्य केंद्र में मजदूर था। सब्जी भी बेची। फिर ईंट-भट्ठे पर काम करने लगा। यहीं उसने मजदूरों की यूनियन बनाई। फिर सीपीएम से जुड़ा। सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलन में वामदलों की जमीन खिसकी तो 2012 में वो तृणमूल के तत्कालीन महासचिव मुकुल रॉय और उत्तर 24 परगना जिले के ताकतवर नेता ज्योतिप्रिय मलिक के सहारे पार्टी से जुड़ गया। जिस राशन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय शाहजहां को खोज रहा है, उसी केस में मलिक जेल में हैं। गांव वालों ने बताया कि शाहजहां के पास सैकड़ों मछली पालन केंद्र, ईंट भट्टे, सैकड़ों एकड़ जमीन है। वो 2 से 4 हजार करोड़ की संपत्ति का मालिक है।
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