हिन्दुस्तान के कई टुकड़े करना चाहता है खालिस्तानी आतंकी पन्नू: एनआईए ने बनाया नया डॉजियर
<p><em><strong>डोजियर के मुताबिक, पन्नू भारत को अलग अलग टुकड़ों में बांटकर कई देश बनाना चाहता है। वह धार्मिक आधार पर विभाजन चाहता है।</strong></em></p>
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने खालिस्तानी आतंकियों का नया डोजियर तैयार किया है। इसमें ऐसे कई आतंकियों के नाम हैं, जो कि भारत के खिलाफ आतंकी साजिश रचने में संलिप्त पाए गए हैं। इस डोजियर में सुरक्षा एजेंसियों ने गुरुपतवंत सिंह पन्नू का नाम भी लिया है। चलिए जानते हैं कि आखिर कौन है गुरुपतवंत सिंह पन्नू, जिसके नाम का जिक्र इस डोजियर में किया गया है।
1947 में पन्नू पाकिस्तान के खानकोट गांव से अमृतसर आया
डोजियर के मुताबिक, पन्नू पर पूरे देश में 16 केस दर्ज हैं। ये मामले दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में दर्ज हैं। वह बंटवारे के समय 1947 में पन्नू पाकिस्तान के खानकोट गांव से अमृतसर आया था। उसने पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली है। उसके माता पिता की मौत हो चुकी है। जबकि उसका भाई मगवंत सिंह विदेश में रहता है। वह अमेरिका में अलगाववादी ग्रुप सिख फॉर जस्टिस का प्रमुख है और पंजाब को भारत से अलग करने की मांग करता है।
गृह मंत्रालय ने पन्नू को आतंकवादी घोषित किया
7 जुलाई, 2022 को गृह मंत्रालय ने पन्नू को आतंकवादी घोषित कर दिया था। डोजियर के मुताबिक, पन्नू भारत को अलग-अलग टुकड़ों में बांटकर कई देश बनाना चाहता है। वह धार्मिक आधार पर विभाजन चाहता है। वह देश के मुस्लिमों को बहला फुसलाकर एक मुस्लिम देश बनाना चाहता है, जिसका नाम वो डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ उर्दुस्तान रखना चाहता है। इसके अलावा वो कश्मीर के लोगों को भी रेडिकलाइज कर रहा है, जिससे कश्मीर को भारत से अलग कर सके।
देश में पन्नू के खिलाफ कई मामले दर्ज
पूरे देश में उसके खिलाफ देशविरोधी गतिविधियों को लेकर कुल 16 मामले दर्ज हैं। सरहिंद पंजाब, अमृतसर, दिल्ली में 4 मामले, गुरुग्राम, धर्मशाला हिमाचल में भी एनआईए ने मामला दर्ज किया है। वह इंडिया गेट पर खालिस्तानी झंडा फहराने वाले को 2.5 मिलियन यूएस डॉलर देने की घोषणा कर चुका है। उसने ऐसे पुलिसकर्मी को 1 मिलियन यूएस डॉलर देने की घोषणा की थी, जो 15 अगस्त, 2021 को लाल किले पर तिरंगा लहराने से रोके।
कई बार लगवाए खालिस्तानी पोस्टर
इसके अलावा वह कई बार ऑडियो वॉयस मैसेज भेज कर भारत की एकता और अखंडता को चुनौती दे चुका है। उसने पंजाब, दिल्ली उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में अपने गुर्गों के जरिए खालिस्तानी पोस्टर और झंडे लगवाने की कई बार कोशिश की। हाल में अलग-अलग राज्यों में उसके कई गुर्गे गिरफ्तार हुए हैं।
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